बागपत, (भाषा) उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के काठा गांव में यमुना नदी में आज हुए नाव हादसे में 19 लोगों की डूबने से मौत हो गयी।
जिलाधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि नाव पर करीब 60 लोग सवार थे। अभी तक 19 शव निकाले जा चुके हैं। हालांकि पहले 22 लोगों की मृत्यु की खबर आयी थी, लेकिन सिंह का कहना है कि वह आंकड़ा लोगों से पूछताछ पर आधारित था।
उन्होंने बताया कि हादसे में अब तक मरने वाले 19 लोगों की पहचान हो गयी है। पंद्रह लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष लोगों की तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि शाम तक गोताखोर नदी में डूबे लोगों की तलाश कर रहे थे। गांव के लोगों के अनुसार नाव में सवार करीब 20 लोग तैरकर बाहर निकल आए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये आर्थिक सहायता की घोषणा की।
प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने नाव दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रूपये की सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागपत को तत्काल राहत सुनिश्चित करने और घटना की जांच के निर्देश दिये है। इस बीच राहत कार्य में देरी होने की वजह से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा किया और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर दिया। भीड़ ने प्रशासन और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। घटना से गुस्साए लोगों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। एक ट्रक में आग लगा दी गई।
जिलाधिकारी ने घटना में गुस्साये ग्रामीणों द्वारा दो वाहनों में आग लगाये जाने की बात स्वीकारी है। जिलाधिकारी के अनुसार फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियन्त्रण में है।
सिंह के मुताबिक, हादसा सुबह करीब पौने आठ बजे हुआ। नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। इसी वजह से यह पलट गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। गांव के लोगों का आरोप है कि हादसे के कई घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना से गुस्साये लोगों ने डीएम और प्रभारी एसपी का घेराव किया। प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य की कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने से भी लोग काफी नाराज दिखाई दिए।



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