सूचना अधिकार अधिनियम 2005 का कार्यशाला Workshop of Right to Information Act 2005



गाजियाबाद, ( संवाददाता )  राज्य सूचना आयुक्त श्री राजकेश्वर सिंह द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम व डा0 विपिन कुमार द्वारा जनपद स्तरीय विभागों में नियुक्त जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी का उ0प्र0 सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के प्रावधानों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आज  कलेकटेªट सभागार गाजियाबाद में आहूत हुई। 
इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त ने कानून का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जन सूचना अधिकारी को सही से काम करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी का नैतिक दायित्व है कि उसे कानून के बारे में सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। उन्होने कहा कि आवेदक द्वारा मांगी गयी सूचना की हमें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत निर्धारित अवधि में एक माह के अन्दर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होने बताया कि सूचना का अधिकारी अधिनियम 2005 , 02 अक्टूबर, 2005 से सम्पूर्ण भारत में लागू किया गया था। 
राज्य सूचना आयुक्त ने आवेदन के निस्तारण की प्रक्रियां पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आवेदन के निस्तारण की प्रक्रियां में 4 चरणों से गुजरना पडता है प्रथम आवेदक का प्रारम्भिक परीक्षण और उसकी पावती,  द्वितीय आवेदन का विस्तृत परीक्षण तृतीय शुल्क की गणना चतुर्थ चरण में आवेदन का निस्तारण । उन्होने कहा कि सही जानकारी सही प्रारूप सूचना का अधिकार का बदला स्वरूप है। 
राज्य सूचना आयुक्त ने कार्यशाला में अपने उद्गार व्यक्त करते हुये कहा कि जन सूचना अधिकारियों के प्रमुख दायित्वों का सही से निर्वाहन कर जन सूचना अधिकारी का प्रथम दायित्व नागरिको को सूचना उपलब्ध कराना है यदि वह अधिनियम व नियमावली के अनुसार देय सूचना उपलब्ध नही कराते तो दण्ड के भागी होगें। कार्यशाला में आये हुये अधिकारियो ने उनसे सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के सम्बन्ध में निस्तारण में आने वाली कठिनाईयों के समबन्ध में चर्चा की जिसका उन्होनें उदाहरण  देते हुये उनके प्रश्नो का उत्तर दिया। 
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार अपर जिलाधिकारी प्रशासन ज्ञानेन्द्र सिंह सहित सभी विभागो के जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे। 



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