पेन इंडिया- भारतीय जागरुकता अभियान देश के 28 लाख छात्रों तक पहुँचा Pen India - Indian awareness campaign reached 28 lakh students of the country



  • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की 30 वीं वर्षगाँठ एवं 23 वां विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। 


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  देश में ओजोन डेपलेटिंग सब्सटान्स (ओडीएस) को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने का कार्यक्रम सरकार, उद्योगों और अन्य शेयर धारकों के सहयोग के कारण लागू किया जा रहा हैं। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. हर्षवर्धन ने दी। उन्होनें कहा कि व्यक्तिगत जागरूकता और सामुहिक कार्य की शक्ति के बल पर इसे हासिल किया जा सकता है। मंत्री महोदय ने इस प्रकारों के अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने में बच्चों की भूमिका पर विशेष बल दिया।

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की 30 वीं और 23 वें विश्व ओजोन दिवस पर ‘केयरिंग फॉर ऑल लाईफ अंडर द सन’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए डा. हर्षवर्धन ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय ने पेन इंडिया- जागरुकता कार्यक्रम चलाया है। यह अभियान हमारी पीढियों में जागरुकता का संचार करेगा। यह कार्यक्रम हमारे विस्तृत कार्यों में रहा जिसे पूरे देश में विभिन्न राज्यों के विद्यालयों व शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की सक्रिय साझेदारी से पूरा किया गया। इस जागरुकता अभियान में 13 हजार से अधिक विद्यालयों के लगभग 28 लाख छात्रों की भागीदारी रही यह देश के 16 राज्यों के 214 जिलों तक पहुँचा। इस अवसर पर डा. हर्षवर्धन ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के लिए किगाली संशोधन के लिए भारत के मजबूत पक्ष को भी रखा। डा. हर्षवर्धन ने कहा कि यह सर्वविधित है कि भारत ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के लिए किगाली संशोधन को शामिल करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।


इस अवसर पर डा. हर्षवर्धन ने प्रकाशन श्रृंखलाओं का विमोचन किया। इनमें न्यू टीआरएसी एसी का पहला संस्करण है। रैफ्रिजिरेशन व एयर कन्डीशनिंग क्षेत्र में सर्विस टेक्निशियन से संबंधित न्यूज लेटर- इन दो प्रकाशनों का शुभारम्भ भारत के एच सी एफ सी के प्रबन्धन कार्यक्रम के लिए किया गया था। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम इसकी सहयोग एजेंसी है एवं एनर्जी एफिशियन्स सर्विसेस तथा टेरी राष्ट्रीय कार्यान्वयन साझेदार है। इस अवसर पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को लागू करने में भारत की उपलब्धियों के दो वीडियो भी लॉन्च किए गए।      




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