पटना, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क ) राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तो अभी हल्का टैबलेट दिए हैं, तो रिएक्शन होने लगा। अभी पूरी दवाई बाकी है। वह हेडमास्टर की तरह हमको पाठ पढ़ा रहे हैं और खुद अपने प्रवक्ताओं से राजद नेताओं को गाली दिलाते हैं। उनकी कोई बात जनता से छुपी नहीं है।
अपने आवास दस सर्कुलर रोड पर मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में श्री प्रसाद और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि सृजन मामले में दस से 29 जुलाई तक 14 बार वहां प्रशासन का चेक बाउन्स हुआ। आरोप लगाया कि इस दौरान नीतीश कुमार दिल्ली की दौड़ लगाते रहे और जब केन्द्र से हमारे परिवार की कीमत पर सौदा पट गया तो सृजन की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। गठबंधन तोड़ने का सौदा भी वहीं उसी समय हो गया। गठबंधन नहीं तोड़ते तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेल जाना पड़ता। आरोप लगाया कि अपना चेहरा छुपाने के लिए वह सुशील मोदी से मेरे खिलाफ प्रेस कान्फ्रेंस कराते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने आरोपितों को बचने का मौका दिया। अब तक रेखा मोदी और सुशील मोदी पर भी केस नहीं हुआ। सीबीआई दबाव में काम कर रही है। जांच निष्पक्ष नहीं हो रहा है। राजद मामले का लेकर सुप्रीम कोर्ट तो जाएगा ही, लेकिन जनता को भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि 2008 में सीएजी की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि केपी रमैय्या के आदेश को तत्कालीन डीएम ने रद कर पूरा पैसा सरकारी खजाने में वापस करने का आदेश दिया, तो फिर कैसे पैसा सृजन के खाते में जाने लगा।


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