बैकुंठपुर में राहत नहीं मिलने पर बाढ़ पीड़ितों का प्रदर्शन Demonstration of flood victims not found in Baikunthpur



गोपालगंज, ( ब्यूरो चीफ )  प्रखंड की आजवीनगर पंचायत के बाढ़ पीड़ितों ने राहत नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गांव में ही मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पिछले बारह दिनों से बाढ़ के पानी से उनका बुरा हाल है। लेकिन, प्रखंड या फिर जिला स्तर के अधिकारियों ने अबतक उनकी सुधि नहीं ली। वहीं बाढ़ से विस्थापित होने की स्थिति में उन्हें महज चूड़ा-गुड़ के अलावे अभी तक कुछ भी नहीं मिल सका है। यहां तक कि प्लास्टिक का वितरण भी बाढ़ पीड़ितों के बीच नहीं किया जा सका है। जिससे वे एनएच-101 के किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं।

बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि गांव में अब भी चार से पांच फुट तक बाढ़ का पानी है। लेकिन अंचल कार्यालय की ओर से उन्हें जरूरत के मुताबिक नाव मुहैया नहीं करायी गयी है। जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें शीघ्र सूखा राशन, गृह क्षति सहित अन्य मुआवजा नहीं मिला तो वे एनएच जाम करेंगे। हालांकि स्थानीय मुखिया प्रमोद कुमार यादव ने बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया। विरोध -प्रदर्शन करने वालों ने मोहन सिंह पहलवान ,स्वामीनाथ रावत, सुदामा रावत, जैन कुमार, गोविंदा रावत, रामविलास सहनी ,शारदा देवी, लीलावती देवी ,हरेंद्र साह, रामएकबाल रावत , सतनाम साह ,रामप्रीत मांझी, गोलू रावत ,रवि कुमार आदि शामिल थे।  दस पंचायतों में बह रहा बाढ़ का पानी बैकुंठपुर प्रखंड की दस पंचायतों में बाढ़ का पानी अब भी बह रहा है।

मंगलवार को हमीदपुर ,धर्मबारी, जगदीशपुर ,कतालपुर, दिघवा दुबौली दक्षिण, चमनपुरा ,आजवीनगर , हकाम , खैराआजम व सिरसा -मानपुर पंचायतों में तबाही रही। यहां बाढ़ का पानी गांवों में बहने से लोग मुश्किलों से घिरे हैं। बरौली प्रखंड के सदौवां में सारण मुख्य तटबंध टूटने से यहां बाढ़ का पानी सिधवलिया प्रखंड को डूबोते हुए आजवीनगर पंचायत को सबसे पहले प्रभावित किया। उसके बाद एक -एक कर दस पंचायतों में तबाही मचा रखा है । बाढ़ के पानी में विषैले कीटों के काटने से लोग रोज पीड़ित हो रहे हैं। इन दस पंचायतों की करीब सात दर्जन मुख्य व लिंक सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को बाहर निकल पाने में भी खतरा महसूस हो रहा है। बाढ़ पीड़ित अपनी हालात पर आंसू बहा रहे हैं। कोई इन की व्यथा सुनने वाला नहीं है। मवेशी व परिजनों के साथ सैकड़ों लोग अपना घर -बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। 

बाढ़ पीड़ितों की माने तो बाढ़ के पानी में कभी कमी तो कभी बढ़ोतरी महसूस हो रही है।  पेयजल की समस्या हुई गंभीर प्रखंड की बारह पंचायतों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद हालात कुछ सुधार रहे हैं। जबकि दस पंचायतों में बाढ़ का पानी अभी बह रहा है। यहां पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है। चापाकल भी बाढ़ का दूषित पानी ही उगल रहे हैं। ऐसी स्थिति में बाढ़ पीड़ित दूषित पानी पीकर वायरल फीवर की चपेट में तेजी से आ रहे हैं।



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