साहिबाबाद, ( प्रमुख संवाददाता ) एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी तथा जीडीए उपाध्यक्ष आदि को लिखे एक शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि बंद पड़े एक माॅल के बेसमेंट में ब्रेड बनाने की एक फैक्टरी का अवैध रुप से संचालन किया जा रहा है। इस कारखाने में मानकों को दरकिनार कर ब्रेड का उत्पादन हो रहा है जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से भी जिला प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग आदि से कोई प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है ।
मानवाधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया र्है कि मोहन नगर चैक के पास बंद पड़े एमएमएक्स माॅल के बेसमेंट में एक ब्रेड बनाने का अवैध रूप से कारखाना चल रहा है। जिसमें करीब 200 मजदूर ब्रेड बनाने का काम करते हैं । यह कारखाना नियमों के विरुद्ध चलाया जा रहा है जिसमें मजदूरों के जीवन पर भी संकट बना रहता है। कारखाने के संचालन के लिए आग से बचाने के लिये कोई सुरक्षा प्रवंध नहीं है न ही अग्निशमन विभाग से कोई लाइसेंस प्राप्त है। कारखाना संचालन के लिये कोई लाइसेंस भी कारखाना प्रबंधकों ने नहीं लिया है । इसके अलावा जीडीए से अनापत्ति प्रमाण पत्र ,श्रम विभाग और कारखाना निदेशक से भी कोई प्रमाण पत्र आदि कारखाना संचालन के लिए नहीं लिया गया है। ऐसे कारखाने में अगर कोई दुर्घटना होती है तो सैकड़ों मजदूरों की जान को मुसीबत बन सकती है। इस मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी गाजियाबाद, जीडीए उपाध्यक्ष ,कारखाना निदेशक ,अपर श्रमायुक्त तथा अग्निशमन विभाग से अवैध कारखाने के विरुद्ध कार्यवाही करने और मजदूरों की जान माल की सुरक्षा करने की मांग की है।
काय्रकर्ता का कहना है कि इससे पहले भी शहीदनगर में गत वर्ष एक अवैध जींस के कारखाने में आग लगने से 13 मजदूरों की जान चली गई थी । इस घटना से भी जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है ।



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