- रोहिंज्ञा समुदाय के साथ जताई एकजुटता
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) नार्थ-ईस्ट फोरम फॉर इंटरनेशनल सॉलिडेरिटी (नेफिस) ने अन्य संगठनों जिनमे क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) और डाम्स शामिल थे, के साथ निलकर आज चाणक्यपुरी, दिल्ली में रोहिंज्ञा समुदाय का नरसंहार करने वाली म्यांमार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया| ज्ञात हो कि म्यांमार में ऐतिहासिक रूप से विभिन्न सरकारों के खुले समर्थन से रोहिंज्ञा समुदाय के साथ उत्पीड़न किया जाता रहा है| हाल के दिनों में उनका दमन नरसंहार का रूप से चुका है| इस नरसंहार को रोकने की जगह उलटे म्यांमार सरकार संहार की घटनाओं को झूठ बता रही है| म्यांमार सरकार के इस मानव-विरोधी रवैये के खिलाफ और रोहिंज्ञा समुदाय के साथ एकजुटता दिखाते हुए आज का प्रदर्शन आयोजित किया गया था|
ज्ञात हो कि म्यांमार में रोहिंज्ञा समुदाय को दशकों से नागरिकता के भी अधिकार से वंचित रखा गया है, जिसके कारण उनकी जीवन जीने की मूलभूत ज़रूरते भी पूरी नहीं हो पाती हैं| साथ ही समय-समय पर उनके खिलाफ खुले तौर पर हिंसा की जाती रही है, जिसके कारण वो पड़ोसी देशों में पलायन करने या म्यांमार में ही विस्थापित जीवन जीने को मजबूर हैं| हाल के कुछ वर्षों से उनके खिलाफ सैन्य कारवाई जारी है| अभी के नरसंहार की घटना और भी भयानक तब हो जाती है, जब म्यांमार की नेता और कथित शांतिदूत आंग-सान-सु-की द्वारा भी रोहिंज्ञा समुदाय के नरसंहार को झुठलाया जाता है| ज्ञात हो कि अभी जारी नरसंहार के कारण करीब 75,000 लोग विस्थापित होकर बांग्लादेश जाने को मजबूर हुए हैं|
नेफिस म्यांमार सरकार के खुले रूपे से नरसंहार को समर्थन करने के लिए कड़ी भर्त्सना करता है और भारत सरकार से मांग करता है कि रोहिंज्ञा समुदाय के नरसंहार को रोकने के लिए म्यांमार सरकार पर दबाव बनाये| नेफिस रोहिंज्ञा समुदाय के समान नागरिकता के अधिकार और बराबरी के लिए संघर्ष के साथ खड़ा है और आने वाले दिनों में उनके साथ अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता दिखाने के अपने अभियान को और तीव्र करेगा|




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