एसओएल छात्रों ने रिजल्ट घोषित करने में देरी के खिलाफ किया एग्जाम ब्रांच का घेराव SOL students protest against delay in declaration of results



  • छात्रों के उग्र प्रदर्शन से ओएसडी-परीक्षा विभाग को छात्रों की मांग सुनने को होना पड़ा मजबूर
  • मांगें जल्द नहीं माने जाने पर डीयू कुलपति और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को घेरने की चेतावनी


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  आज 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के एग्जाम ब्रांच के खिलाफ स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग(एसओएल) के छात्रों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया| क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) के बैनर तले इन छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा रिजल्ट घोषित करने में की जा रही देरी का जवाब माँगा| ज्ञात हो हर साल एसओएल के बीए(प्रोग्राम) और बीकॉम(प्रोग्राम) में पढने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों के रिजल्ट एग्जाम के 3 महीने बाद नवम्बर माह तक घोषित किये जाते हैं| जबकि इन्हीं कोर्सेज में दाखिला प्राप्त रेगुलर कॉलेज के छात्रों का रिजल्ट एग्जाम होने के एक माह के भीतर जुलाई में ही घोषित कर दिया जाता है| रिजल्ट घोषित करने में हो रही देरी से तृतीय वर्ष के छात्र सबसे अधिक प्रभावित होते हैं क्योंकि इसके कारण हर साल हजारों तृतीय वर्ष के छात्रों का साल बर्बाद होता है| तृतीय वर्ष के छात्र लेट रिजल्ट के कारण एम.ए./ एम.कॉम./ बी.एड./ एल.एल.बी. जैसे विभिन्न पीजी कोर्सेज में दाखिला लेने से चूक जाते हैं क्योंकि तब तक इन कोर्सेज में दाखिला प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है| विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के हितों की अनदेखी की स्थिति यह है कि इन छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय के ही विभिन्न स्नातकोतर कोर्सेज में प्रोविजनल दाखिला नहीं दिया जाता है|

लेट रिजल्ट के कारण प्रथम व दृतिय वर्ष के छात्रों को भी भारी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं क्योंकि सभी कोर्सेज के रिजल्ट आने तक एसओएल में द्वितीय व तृतीय वर्ष के दाखिले शुरू नहीं होते और उनकी कक्षाएं भी नहीं शुरू की जाती| लम्बे समय से एसओएल के छात्र बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और क्लासेज की संख्या बढ़ाने की बात कर रहे हैं परन्तु लेट रिजल्ट के कारण छात्रों को दी जा जाने वाली 20-22 दिन की कक्षाएं भी 12-14 दिन की रह जाती हैं|   छात्रों ने यह भी कहा कि अगर पेपर चेक करने के लिए शिक्षकों की कमी है तो दिल्ली विश्वविद्यालय में और शिक्षकों की भर्ती होनी चाहिए ताकि रेगुलर कॉलेज के समान एसओएल छात्रों का रिजल्ट भी समय पर घोषित हों|

छात्रों के प्रदर्शन के कारण ओएसडी परीक्षा विभाग, डॉ. सतीश कुमार  को छात्रों के समक्ष उनकी मांगों को सुनने को मजबूर होना पड़ा| उन्होंने संवेदनशील तरीके से छात्रों की मांगें सुनीं और जल्द से जल्द उन पर कारवाई करने का आश्वासन दिया| छात्रों ने डीन परीक्षा विभाग के नाम एक ज्ञापन भी उन्हें सौंपा, जिनमे बी.ए और बी.कॉम प्रोग्राम का परिणाम जल्द से जल्द घोषित करने और जल्द-से-जल्द छात्रों का परिणाम हर वर्ष जल्दी घोषित करने की व्यवस्था बनाने की मांग उठायी गयी थी| इसी सम्बन्ध में केवाईएस ने डीन, एग्जाम ब्रांच के नाम ज्ञापन सौपकर एसओएल छात्रों की मांगों को आगे रखा और जल्द रिजल्ट नहीं घोषित करने की स्थिति में डीयू कुलपति व शिक्षा मंत्री को भी घेरने की चेतावनी दी|





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