गाज़ियाबाद, दस दिन पूर्व लापता नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसकी गला घोटकर हत्या की गई। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर अवलपुर गांव के जंगल से किशोरी का शव बरामद कर लिया है। शव अर्धनग्न हालत में था, जिसे कुत्तों व जंगली जानवरों ने नोंच खाया था। शव के पास ही किशोरी के जूते सलवार और शराब की बोतलें व नमकीन के पैकेट मिले हैं। उधर परिजनों के हंगामे की आशंका के चलते किशोरी के मोहल्ले में आरोपी के घरों के पास भारी पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। चार सितंबर को एक कॉलोनी निवासी कक्षा नौ की 14 वर्षीय छात्रा स्कूल जाने के लिए सुबह सात बजे घर से निकली थी। छुट्टी के बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने अगले दिन मोहल्ले के हरिओम, उसके भाई और पिता पर छात्रा को गायब करने का आरोप लगाया था। किशोरी के परिजनों और आरोपी की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली की हरिओम निवासी उमेश पार्क के साथ छात्रा की बातचीत होती थी।
पुलिस ने जब हरिओम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारी कहानी बता दी। आरोपी से किशोरी के प्रेम संबंध थेहरिओम के अनुसार उसकी आठ साल पूर्व उसकी शादी हुई थी लेकिन उसके कोई बच्चा नहीं हो सका था। इसी दौरान उसके मकान में रहने वाले किरायेदार की बेटी से उसके प्रेम संबंध बन गए। हरिओम के अनुसार अब किशोरी उस पर शादी का दबाव बना रही थी। उसने शादी से इंकार कर दिया लेकिन किशोरी शादी की जिद पर अड़ी थी, जिसके चलते उसने अपने साथी धर्मेन्द्र और कपिल के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हरिओम के इस खुलासे के बाद गांव किशोरी का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी हरिओम और कपिल निवासी उमेश पार्क कॉलोनी और धर्मेन्द्र निवासी निकट सुमन सिनेमा मूल निवासी गांव नरसेना बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस की लापरवाही आई सामने किशोरी के लापता होने के दिन ही परिजनों ने हरिओम पर बेटी को गायब करने का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ नहीं की।
अगले दिन जब आरोपी हरिओम ने किशोरी के पिता को शराब के नशे में अगले दिन बेटी को मार देने की धमकी दी तो परिजन मोहल्ले वालों के साथ देर रात को थाने पहुंचे और आरोपी हरिओम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महिलाओं के हंगामे के चलते पुलिस ने महिलाओं व पुरुषों पर जमकर लाठियां बरसाई और उन्हें थाने से खदेड़ दिया। हालांकि इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर आरोपी हरिओम व उसके पिता को हिरासत में भी ले लिया किंतु कुछ ही देर छोड़ दिया। परिजनों का आरोप है यदि पुलिस हरिओम से ठीक से पूछताछ करती तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।न्याय नहीं मिला तो परिवार समेत कर लेंगे आत्महत्याकिशोरी के पिता ने रोते हुए एसपी देहात से कहा कि जिस प्रकार हत्यारों ने उसकी बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या की है, अगर हत्यारों को यदि फांसी नहीं मिली तो परिवार के साथ थाना परिसर में ही आत्महत्या कर लेंगे। रोते हुए पिता यह कह रहा था कि यदि पुलिस कार्रवाई करती तो आज उसकी बेटी जिंदा होती। पुलिस की लापरवाही उसकी बेटी को खा गई।



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