नई दिल्ली: उत्तर कोरिया ने इस बार ऐसी शातिर चाल चली है कि दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और दक्षिण कोरिया देखता रह गया. दरअसल उत्तर कोरिया के हैकरों ने अमेरिका और अपने पड़ोसी द. कोरिया के वार प्लान को चुरा लिया है और इन देशों की सुरक्षा एजेंसियां कुछ नहीं कर सकीं. ऐसा दावा किया जा रहा है कि उ. कोरिया के हाथ कुछ ऐसे दस्तावेज लगे हैं जिनमें वहां के तानाशाह किम जोंग उन और उसके कई अन्य करीबी नेताओं की हत्या की रणनीति बनाई गई है.
दक्षिण कोरिया के सांसद री चेओल ने कहा कि उत्तर कोरियाई सेना के हैकरों ने पिछले साल अगस्त-सितंबर में दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के इंट्रानेट में सेंध लगाई थी. हैकरों ने 235 जीबी का डेटा हासिल कर लिया था, लेकिन करीब 10,700 दस्तावेजों की ही पहचान हो पाई है. करीब 80 प्रतिशत दस्तावोजों की पहचान अब भी करना बाकी है. इसमें दक्षिण कोरिया के सैन्य ठिकानों और पावर प्लांट्स से जुड़े दस्तावेज भी हैं. समय-समय पर दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना के बीच हुए संयुक्त युद्ध अभ्यास का ब्यौरा भी इन्हीं दस्तावेजों में हैं.
री के मुताबिक 2015 में बने "ओपीएलएएन 5015' सीक्रेट प्लान में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की उत्तर कोरिया के खिलाफ की जाने जाने वाली युद्ध की पूरी रणनीति है. हांलाकि दक्षिण कोरिया की ओर से साइबर हमले की बात को स्वीकार किया गया था लेकिन सूचनाए लीक होने की घटना को नकार दिया गया था.
बता दें उत्तर कोरिया के हैकरों ने एक साल पहले अमेरिका के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान एफ 15 का डिजाइन चोरी कर लिया था. इसके अलावा टोही विमान की तस्वीरें भी चोरी हो गई थीं. दक्षिण कोरिया की कंपनी कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने खुद इस साइबर अटैक की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि रक्षा उद्योग से जुड़े 40 हजार से ज्यादा दस्तावेज चोरी किए गए हैं.



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