बलात्कारियों को 24 घंटे में नहीं पकड़ने पर दी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी Warning of protest against not catching rapists in 24 hours



घरेलू कामगार यूनियन ने शालीमार बाग में घरेलू कामगार के साथ हुए बलात्कार की कड़ी निंदा की

नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  घरेलू कामगार यूनियन (जी.के.यू) शालीमार बाग़ में हुए घरेलू कामगार के साथ बलात्कार की घटना की कड़ी भर्त्सना करता है| ज्ञात हो कि पीड़िता हैदरपुर स्थित एक पार्क में अपने मित्र के साथ बैठी थी, जब तीन लोगों ने उसके मित्र के साथ झगड़ना शुरू कर दिया| उसको जब बचाने की पीड़िता ने कोशिश की तो उसके साथ दोषियों ने बलात्कार किया| उन्होंने इस घटना के बारे में अन्य किसी को बताने पर उसे जान से मारने की भी धमकी दी|  

जी.के.यू  दिल्ली पुलिस की भी कड़ी भर्त्सना करती है जो ऐसे गंभीर मामलों के प्रति उदासीन रवैया रखती है| ज्ञात हो कि इस मामले में भी अभी तक दोषियों को पकड़ा नहीं जा सका है| दिल्ली पुलिस बलात्कार, पीछा करने, छेड़-छाड़, और घरेलू हिंसा जैसे अतिसंवेदनशील मामलों के प्रति भी बहुत ही ढीला-ढाला रवैया दिखाती रही है| यहाँ तक कि महिलाएं खासकर झुग्गी-बस्ती में रहने वाली महिलाएँ, पुलिस थाने में शिकायत करने से कतराती हैं| इन इलाकों के निवासियों के अनुसार, ऐसा इसलिए है क्योंकि पुलिस थाने क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं के प्रति उनकी गरीबी के कारण बेहद उदासीन रवैया रखते है| ज्ञात हो कि इन इलाकों में पुलिस द्वारा गश्त भी बेहद खराब ढंग से होती है और बीट कांस्टेबल शिकायतों को नज़रंदाज़ करने के लिए जाने जाते हैं, जो शिकायतों पर एफ.आई.आर दर्ज करने की जगह अवांछित समझौता कराने, और असुरक्षित जगहें जहाँ अक्सर लड़ाई, स्नैचिंग, छेड़-छाड़ की घटनाएं होती हैं, उनकी अनदेखी करने को ही अपना काम समझते हैं|

यह अत्यंत दुखद है कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद दिल्ली पुलिस और सरकार का महिलाओं के प्रति बेहद असंवेदनशील रवैया रहता है| ज्ञात हो कि बहुत से मामलों में पीड़िताओं और उनके परिवारों को एफ.आई.आर दर्ज करवाने से रोका जाता है और पुलिसकर्मियों की बात न मानने पर उन्हें परेशान भी किया जाता है| जी.के.यू मांग करता है कि सभी दोषियों को 24 घंटों के अन्दर पकड़ा जाए और ऐसा न होने पर आने वाले दिनों में एक बड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी देता है|


Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment