राजसमन्द में हुई सांप्रदायिक हत्या के खिलाफ केवाईएस ने नागरिक विरोध प्रदर्शन में निभाई हिस्सेदारी
अफराजुल की हत्या का विरोध करने वाले सभी गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग उठायी
नेताओं और सांप्रदायिक ताकतों के गठजोड़ की तुरंत जांच करने की मांग उठायी
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) क्रान्तिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने अन्य जनवादी संगठनों और दिल्ली भर के जनवादी लोगों के साथ मिलकर बीकानेर हाउस पर राजसमन्द सांप्रदायिक हत्याकांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई| उन्होंने इस मामले में तुरंत एक न्यायिक जांच बिठाए जाने और अफराजुल की हत्या का उदयपुर में विरोध करने वाले सभी गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की| ज्ञात हो कि मृतक, मोहम्मद अफरजुल एक प्रवासी निर्माण मजदूर था जिसे हत्यारे ने कथित तौर पर लव जिहाद फैलाने के नाम पर बर्बरतापूर्वक मार दिया| ज्ञात हो की केंद्र और राजस्थान में भाजपा सरकार आने के बाद से ही सांप्रदायिक हमले काफी बढ़े हैं| सांप्रदायिक भीड़तन्त्र की गैर-कानूनी हरकतों को आरएसएस-भाजपा सरकार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि देश में समुदायों के बीच नफरत को बढ़ाया जा सके और राजनीतिक फायदा उठाया जा सके|
राजसमन्द की यह घटना इस तरह की अन्य घटनाओं में सिर्फ एक कड़ी सिर्फ नहीं है, जिनके कारण भाजपा सरकार के केंद्र में आने के बाद से ही अल्पसंख्यक समुदाय दहशत की स्थिति में रहने को मजबूर है| ज्ञात हो कि पिछले दिनों राजस्थान के ही प्रतापगढ़ जिले में एक चर्च पर बजरंग दल के गुंडों ने हमला किया और इस बर्बरता को सार्वजनिक भी किया, परन्तु उनपर भी कोई कारवाई नहीं हुई| यह घटनाएं दर्शाती है कि किस तरह सांप्रदायिक हिंसा को राजस्थान में भाजपा सरकार द्वारा आम बना दिया गया है| ज्ञात हो कि इस तरह की घटनाएँ बिना सरकार की खुली छूट के नहीं हो सकतीं| इसके पीछे सरकार का सांप्रदायिक और जातिवादी संगठनों को संरक्षण साफ़ प्रदर्शित होता है|
केवाईएस इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं की कड़ी निंदा करता है और राजस्थान की मुख्यमंत्री और राज्य गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग करता है| साथ ही राजनैतिक पार्टियों, नेताओं और सांप्रदायिक ताकतों के गठजोड़ की छानबीन किये जाने और सभी सांप्रदायिक हत्यारों को सख्त सजा दिए जाने की भी मांग करता है| इसके साथ ही देश के सभी जनवादी ताकतों और लोगों से क्रांतिकारी युवा संगठन यह आह्वान करता है कि सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ एकजुट हों|



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