अमेठी में किसानों ने राहुल गांधी के खिलाफ किया प्रदर्शन - farmer protest in amethi against rahul gandhi





अमेठी: कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्‍यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया है. इन प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनकी जमीन राजीव गांधी फाउंडेशन को दी गई थी, उसके बदले में उनको रोजगार देने की बात कही गई थी. लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया. इस पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए कहा है कि या तो उनकी जमीन वापस की जाए या उनको रोजगार दिया जाए. इन किसानों ने धमकी देते हुए कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह यहां पर हुए निर्माण कार्य को नष्‍ट कर देंगे और प्रदर्शन जारी रखेंगे.


इस बीच 16 दिसंबर को विधिवत कांग्रेस अध्‍यक्ष का पदभार संभालने जा रहे राहुल गांधी उससे पहले बुधवार को दिल्‍ली में राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की महिला अधिकारों के संबंध में होने वाली एक दिवसीय कार्यशाल में भाग लेने जा रहे हैं और इस दौरान लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण संबंधी विधेयक को संसद में पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाए जाने के बारे में भी चर्चा करेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी पहली बार किसी कार्यक्रम में भाग लेंगे.



महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने बताया कि यह एक दिवसीय कार्यशाला उनके संगठन द्वारा चलाए जाने वाले 'हमारा हक' अभियान के बारे में होगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर आधार कार्ड से जुड़ी तमाम योजनाएं चल रही हैं, जिला, तहसील, ब्लॉक स्तर पर इन योजनाओं और महिला अधिकार के बारे में महिलाओं को कैसे जागरूक करें, इस बारे में कार्यशाला में विचार-विमर्श किया जाएगा.



उन्होंने बताया कि कार्यशाला में महिला आरक्षण विधेयक तथा सरकार द्वारा लाए जा रहे ट्रांसजेंडरों संबंधी विधेयक पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.  सुष्मिता ने कहा कि उन्हें इस बात की काफी प्रसन्नता है कि नवनिर्वाचित पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी संगठन में सबसे पहले महिला कांग्रेस के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी इस कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करेंगे.


तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कुछ माह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करवाने का अनुरोध किया था. उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में आश्वासन दिया था कि यदि सरकार महिला आरक्षण विधेयक संसद में पारित करवाने के लिए लाती है तो कांग्रेस पार्टी पूरा सहयोग देगी.

यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री की ओर से सोनिया के पत्र का कोई उत्तर दिया गया तो सुष्मिता ने कहा, 'सरकार की ओर से अभी तक कोई उत्तर नहीं आया है.' उन्होंने कहा कि सोनिया एक सांसद भी हैं और प्रधानमंत्री को कम से कम सांसद के पत्र का उत्तर देना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर की कार्यशाला में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक की विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी और इसे संसद में पारित कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के तौर-तरीकों पर भी विचार-विमर्श होगा. पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी अपने संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक पर भी चर्चा कर सकते हैं.
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