नई दिल्ली: यूपी सरकार आज(11 जनवरी) से गोरखपुर में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मैदान में 'गोरखपुर महोत्सव' की शुरूआत करने जा रही है. तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव 11 जनवरी से 13 जनवरी तक चलेगा. इस महोत्सव की तुलना सपा सरकार की तरफ से आयोजित सैफई महोत्सव से की जा रही है. 3 दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल होंगे और समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. फिल्मी कलाकारों से अलावा इस महोत्सव में स्थानीय बच्चों और कलाकारों के कार्यक्रम कराए जाएंगे. पिछली साल से शुरू हुआ गोरखपुर महोत्सव योगी आदित्यनाथ के सीएम बन जाने के बाद अब बड़े और भव्य स्तर पर हो रहा है.
इस महोत्सव में बॉलीवुड नाईट, भोजपुरी नाईट, कथक, योगा, ग़ज़ल, भजन, सोन चिरैया, साईंस फेयर, क्विज़ प्रतियोगिता, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे. इस महोत्सव की सबसे खास बात यह है कि इसमें पुस्तक प्रेमियों के लिए 33 स्टॉल भी लगाए गए हैं. जर्मन हैंगर पंडाल लगाया गया है. पंडाल में 7000 लोगों के बैठेने की व्यवस्था की गई है. महोत्सव में 350 से अधिक स्टॉल लोगों के लिए लगाया गया है.
इस महोत्सव में मालिनी अवस्थी, शंकर महादेवन, शान, अनुराधा पौडवाल, ललित पंडित, रविकिशन, अनूप जलोटा जैसे कलाकार शामिल होंगे. भाजपा सरकार के तरफ से कहा गया है कि गोरखपुर महोत्सव में भारतीयता, राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भरमार देखने को मिलेगी. इस महोत्सव का शुभारंभ यूपी के राज्यपाल राम नाईक करेंगे और समापन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे.
तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ यूपी के राज्यपाल राम नाईक करेंगे और समापन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे.इस महोत्सव में मालिनी अवस्थी, शंकर महादेवन, शान, अनुराधा पौडवाल, ललित पंडित, रविकिशन, अनूप जलोटा जैसे कलाकार शामिल होंगे.गोरखपुर महोत्सव मे सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिबेट कॉम्प्टीशन, टैलेंट हंट, विज्ञान प्रदर्शनी, बैडमिंटन, कुश्ती, बॉलीवुड नाईट, भोजपुरी नाईट, कथक, योगा, ग़ज़ल, भजन, सोन चिरैया, साईंस फेयर, क्विज़ प्रतियोगिता, जैसी प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी.
महोत्सव में जर्मन हैंगर पंडाल लगाया जा रहा गया है, पंडाल में 7000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. पुस्तक प्रमियों के लिए 33 स्टॉल और 70 स्टॉल शिल्पकारों के लिए स्टॉल लगाए गए हैं. गोरखपुर महोत्सव के लिए अलग से लोगो का भी डिजाइन किया गया है, जिसका स्लोगन है आरोह-तमसो-ज्योति (अंधकार से प्रकाश की ओर चलो) कार्यक्रम का समापन अनूप जलोटा की भजन संध्या से किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर महोत्सव कराने के पीछे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देना है.
1997 से लेकर हर साल दिसंबर में समाजवादी पार्टी के सीएम अपने गृह नगर इटावा जिले में सैफई महोत्सव का आयोजन करवाया करते थे.



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