नई दिल्लीः पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement derectorate) ने छापेमारी की है. ईडी ने कार्ति चिदंबरम के चेन्नई और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि ईडी की यह छापेमारी एयरसेल मैक्सिस डील के मामले में हुई है.
छापेमारी पर कार्ति के पिता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है, 'कार्ति के खिलाफ अभी तक सीबीआई या अन्य किसी भी एजेंसी ने केस दर्ज नहीं किया है. मुझे अंदेशा था चेन्नई वाले मेरे घर में वह दोबारा छापेमारी के लिए आएंगे, लेकिन हास्यास्पद बात यह रही कि वह लोग दिल्ली के जोर बाग भी गए और अधिकारियों ने मुझे बताया कि उनका ऐसा मानना था कि वहां स्थित घर के मालिक कार्ति हैं जबकि ऐसा नहीं'
आपको बता दें कि इस केस की एक याचिका पर सुनवाई करने से कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने खुद को अलग कर लिया था.
मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है जिसका मालिकाना हक एक बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन के पास है जिन्हें टैक नाम से भी जाना जाता है. टैक श्रीलंका की तमिल पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले एक मलेशियाई नागरिक है.
एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई टॉयकून सी सिवसंकरन (सिवा) ने प्रमोट किया था, जो कि तमिलनाडु के मूल निवासी थे.
साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी. बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी, जो कि अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंधित है के पास है. इन 26 फीसदी शेयर का मालिकाना हक सुनीता रेड्डी के पास है जो कि अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटियों में से एक हैं.
ये डील उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई जब 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर हुआ। तब देश के सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि वो इस मामले में ए राजा के पूर्ववर्ती मंत्रियों की जांच करे.



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