नई दिल्ली: दिवालिया घोषित होने से पहले ही टेलीकॉम कंपनी एयरसेल ठप पड़ गई है. दो दिन से कंपनी का सर्वर पूरी तरह से ठप है. कंपनी के सभी सर्किल्स में एयरसेल के सिम काम नहीं कर रहे हैं. एयरसेल का सिम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स परेशान हैं. नेटवर्क पूरी तरह से बंद हो चुका है. कर्ज में डूबी इस कंपनी ने हाल ही में दिवालिया होने की अर्जी दी थी. लेकिन, बंद होने से पहले ही कंपनी के सर्वर ने काम करना बंद कर दिया है.
एयरसेल के यूजर कॉल ड्रॉप और नो सिग्नल जैसी समस्या से गुजर रहे हैं. कंपनी पिछले 6 महीने से कोई फंड नहीं जुटा पाई है. कंपनी के सीईओ कैजाद हेर्जी ने अपने कर्मचारियों को मेल के जरिए ये जानकारी दी है. आने वाले वक्त में कंपनी की हालत और खराब होने की संभावना है. कंपनी खुद को दिवालिया घोषित करना चाहती है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालिया होने की अर्जी भी दे चुकी है. कंपनी ने अपना बोर्ड भी भंग कर दिया है.
रिलायंस जियो के टेलीकॉम मार्केट में आने के बाद से बढ़ी स्पर्दा का सबसे बड़ा नुकसान एयरसेल को हुआ. पिछले साल ही कंपनी अपने 6 सर्किल्स में सर्विस बंद कर चुकी थी. अब घाटा और बढ़ने, कर्ज की रकम न चुका पाने और नया फंड नहीं मिलने की वजह उसकी माली हालत बिगड़ती चली गई.
इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के सीईओ ने कहा कि, चूंकि बाजार में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा है इसलिए कंपनी इससे प्रभावित हो रही है. आपको बता दें कंपनी पर कर्जदारों 15,500 करोड़ रुपए बकाया है. रिलायंस जियो के आने के बाद 3 कंपनियां पहले ही अपनी सेवा बंद कर चुकी हैं. इसमें अब एयरसेल का नाम भी जुड़ गया है.
एयरसेल का नेटवर्क ठप होने की वजह से यूजर्स अब इसे पोर्ट कराने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, पोर्ट कराने में भी लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. नेटवर्क नहीं होने से पोस्टपेड ग्राहक पिछला बकाया नहीं चुका पाए हैं. दूसरी कंपनी बकाया रहने पर पोर्ट करने से इनकार कर रही हैं. साथ ही पुराने नंबर से कस्टमर केयर पर कॉल करके पोर्ट की रिक्वेस्ट भी नहीं हो पा रही है. ऐसे में यूजर्स के पास अपना नंबर बदलने के अलावा कोई चारा नहीं है.
एयरसेल को हर महीने 400 करोड़ की कमाई होती है, जिसमें से 100 करोड़ रुपए का भुगतान दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को टर्मिनेशन चार्ज के तौर पर करना पड़ता है. वहीं, 280 करोड़ रुपए वेंडर्स और नेटवर्क अपटाइम के लिए चुकाने होते हैं. बाकी का पैसा लाइसेंस फी, टैक्स और इंट्रेस्ट पेमेंट में जाता है. आइडिया को तीन महीने का 60 करोड़ रुपए का इंटरकनेक्ट चार्ज भी एयरसेल ने नहीं चुकाया था, इसलिए वह कंपनी को यह सर्विस नहीं दे रही है.
एयरसेल के बंद होने से कंपनी के 5000 कर्मचारी पर असर पड़ेगा. जाहिर तौर पर कंपनी के 5000 कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे. केवल कर्मचारियों पर ही नहीं बल्कि वेंडर्स, पार्टनर, टॉवर ऑपरेटर जीटीएल इंफ्रा, भारती इंफ्राटेल, इंडस टॉलर और एटीसी पर भी इसका असर पड़ेगा. बहरहाल कंपनी बंद होने की कगार पर आ चुकी है और कुछ समय में टेलीकॉम इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं रहेगी.



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