पोर्ट एलिजाबेथ: चौथे वनडे में हार का सामना करने वाली भारतीय टीम कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में मंगलवार (13 फरवरी) को पोर्ट एलिजाबेथ में होने वाले पांचवें वनडे में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार इस टीम के खिलाफ उसके घर में कोई द्वीपक्षीय सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बनाना चाहेगी. इस छह मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम 3-1 से आगे है और वह चाहेगी कि वह इस बढ़त का फायदा उठाए. टीम ने डरबन में पहला मैच छह विकेट, सेंचुरियन में नौ विकेट और केप टाउन में 124 रन से जीता था. लेकिन मेजबान टीम ने बारिश से प्रभावित चौथे वनडे में पांच विकेट से जीत हासिल कर वापसी की.
पांचवें वनडे से पहले तेज गेंदबाज एंडिले फेहलुकवायो ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों के खिलाफ अपनी गलतियों से सबक लेते हुए पोर्ट एलिजाबेथ में होने वाले पांचवें वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अधिक आत्मविश्वास के साथ उतरेंगे. भारत के कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव इस वनडे सीरीज में पहली बार चौथे एकदिवसीय मैच में महंगे साबित हुए.
फेहलुकवायो ने कहा, ‘‘पिछले मैच के बाद हम अच्छी लय में हैं. इस जीत से हमें काफी आत्मविश्वास मिला और खिलाड़ी नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हमारी ट्रेनिंग काफी विशिष्ट (स्पिन के खिलाफ) है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सकारात्मक होने की कोशिश कर रहे थे (पिछले मैच में). हम अच्छी स्थिति में आए और गेंद को समझते हुए सीधे खेलने का प्रयास किया.’’
पांचवें वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच की पिच भूरी नजर आ रही है जो डरबन में पहले मैच की तरह दिख रही है. पारंपरिक तौर पर यहां की पिच से स्पिनरों को अधिक मदद मिलती है. इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘हम अच्छा विश्लेषण कर रहे हैं और हमारे पास अच्छी रणनीति है. बेशक हालात अलग थे (वांडरर्स पर). हमारे ड्रेसिंग रूम में रणनीति बनाई है कि हम सकारात्मक रहेंगे और रन बनाने की कोशिश करेंगे.’’
मैच के विकेट के बारे में फेहलुकवायो ने कहा, ‘‘हम विशिष्ट रूप से ट्रेनिंग करते हैं. खिलाड़ियों को पता है कि उनकी व्यक्तिगत रणनीति क्या है और उन्हें क्या करने की जरूरत है. मुझे लगता है कि बल्लेबाजी करते हुए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप गेंद को देखो और हमारी राणनीति को अंजाम देने का प्रयास करो.’’
सेंट जार्ज पार्क में भारत का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है और टीम ने इस मैदान पर 1992 के बाद खेले सभी पांच वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच गंवाए हैं. भारतीय टीम ने इसके अलावा इस मैदान पर कभी 200 रन के आंकड़े को भी नहीं छुआ है. भारत ने यहां पहला मैच 1992 में मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व में खेला. टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया 147 पर ढेर हो गई और छह विकेट से हार गई.
1997 में सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में टीम इंडिया 9 विकेट पर केवल 179 रन ही बना सकी. दक्षिण अफ्रीका ने जैक कैलिस के 79 रनों की बदौलत 45.1 ओवर में यह मैच जीत लिया. तीसरा वनडे 2006 में खेला गया. वीरेंद्र सहवाग टीम के कप्तान थे. भारत को जीत के लिए 244 रन बनाने थे, लेकिन उनकी पूरी टीम 163 पर आउट हो गई.
2011 में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारत ने यहां चौथा वनडे खेला था. बारिश से प्रभावित इस मैच में 32.5 ओवरो में छह विकेट पर केवल 142 रन बना सकी और 48 रनों से मैच हार गई. अब भारत को इस मैदान पर पांचवां वनडे मैच खेलना है और देखना होगा कि विराट कोहली इस इतिहास को बदल पाते हैं या नहीं?



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