गाजियाबाद, ( संवाददाता ) सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरोज कुमार यादव ने सूचित किया है उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के प्लान आॅफ एक्शन 2017-18 के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद के तत्वावधान में गिरजेश कुमार पाण्डेय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल निर्देशन में 24 मार्च केा गैरसंगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु निर्माणधीन साईट वी.वी.आई.पी.बिल्डर राजनगर एक्सटैशन गाजियाबाद विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । इसमें सरोज कुमार यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री सिद्धार्थ मोदियानी, असिस्टेंट लेबर कमिशनर गाजियाबाद, श्री लोकेन्द्र सिंह, जिला सह परीविक्षा अधिकारी गाजियाबाद एवं करीब 150 श्रमिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
सिद्धार्थ मोदियानी, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर द्वारा बताया गया कि निर्माण कार्य में लगे हुये मजदूरों के लिये उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इसके अन्तर्गत कर्मकार का पंजीकरण होने पर उसे 15 योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इसमें मध्यान्ह भोजन योजना, मातृत्व हितलाभ, शिषु हितलाभ योजना, मेघावी छात्र पुरस्कार योजना, मैडिकल योजना, मृत्यु एवं विकंलांग सहायता योजना, बालिका आर्शीवाद योजना, पुत्री विवाह अनुदान योजना, पंेशन योजना, ऊर्जा सहायता योजना, अक्षमता पंेशन योजना, निर्माण श्रमिक अन्येष्टि सहायता योजना, शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त शिविर में सम्मिलित श्रमिकों को विभिन्न श्रम कानूनों, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1648, वेतन भुगतान-1936 व वर्कमैन कम्पनसेशन एक्ट आदि से सम्बन्धित प्राविधानो ं को बताया गया ।
लोकेन्द्र सिंह विधि सह-परीविक्षा अधिकारी गाजियाबाद द्वारा बताया गया है कि विधवा पेंशन, विकलांग पंेशन, विधवा महिला पुर्नविवाह सहायता योजना सरकार द्वारा प्रदान की गयी है। जिस महिला की आयु 35 वर्ष से कम है पुर्नविवाह हेतु अंकन 11000 रू0 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सभी पंेशनों के लिये एक पोर्टल बनाया गया है जिसमें आप आॅन लाईन आवेदन कर सकते है। इसके अतिरिक्त 180 हैल्प लाईन के बारे में बताया गया । 1098 चिल्र्डन हैल्प लाईन है, किशोर न्याय बोर्ड, चाईल्ड वैल्फेयर कमेटी आदि की जानकारी प्रदान की गयी।
सरोज कुमार यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद द्वारा लोगों को धूम्रपान से होने वाले दुष्परिणामों, मानव तस्करी, बन्धुआ मजदूरी, घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण, पोक्सो एक्ट, उ0प्र0 पीडित क्षतिपूर्ति योजना, शिक्षा के मौलिक अधिकार तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्दश्यों के बारे में लोगों जनकारी प्रदान की गयी। यह भी बताया गया कि अकुशल, अर्द्धकुशल व कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण किया गया है। इससे कम मजदूरी नियोक्ता द्वारा नही दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक दिन 8 घण्टे से अधिक का कार्य नही लिया जा सकता है। साप्ताहिक सवेतन अवकाश प्रदान किये जाने के प्राविधानों के बारे भी बताया गया। नियोक्ता का कर्तव्य है कि वह हाजिरी रजिस्टर व वेतन रजिस्टर आदि का रख रखाव करें। प्रत्येक माह वेतन पर्ची प्रदान करे, जिससे ये स्पष्ट हो कि किस कर्मकार द्वारा कितने दिन कार्य किया गया है तथा किस मद में क्या कटौती की गयी है। नियोक्ता द्वार अनुचित कटौती किये जाने की दशा में, या रजिस्टर आदि रख रखाव नही किये जाने की दशा में उसके विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है। यादि किसी श्रमिक के साथ कार्य के दौरान दुर्घटना हो जाती है तो नियोक्ता तत्काल श्रम विभाग को सूचना देगा तथा उसे क्षतिपूर्ति का भी भुगतान करना होगा।



0 comments:
Post a Comment