पुरुलिया, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क ) पुरुलिया में एक और व्यक्ति का शव लटका मिला। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस व्यक्ति की उम्र 35 वर्ष बताई गई है। बतया जा रहा है कि मृतक दुलाल कुमार भाजपा का कार्यकर्ता था। इस घटना से दो दिन पहले त्रिलोचन महतो (20) का शव 30 मई को जिले के बलरामपुर में एक पेड़ से लटका मिला था और भाजपा ने दावा किया था कि तृणमूल ने उसके कार्यकर्ता महतो की हत्या की है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों से इनकार किया और इसे निराधार बताया।
एडीजी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने महतो की मौत के मामले में आज आपराधिक अन्वेषण विभाग (सीआईडी) से जांच कराने के आदेश दिये हैं। पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक जॉय बिस्वास ने बताया कि इसी पुलिस थाना क्षेत्र में दुलाल कुमार का शव दावा गांव में एक खेत के पास लटका मिला। कुमार की मौत से भड़के ग्रामीणों ने बलरामपुर पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीण दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बिस्वास ने कहा, ''हम दोषियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और जांच जारी है। हमारे अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।’’
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोलकाता से करीब 295 किलोमीटर दूर बलरामपुर में एक बिना हस्ताक्षर वाला हाथ से बंगाली में लिखा हुआ नोट महतो के शव के पास से बरामद हुआ था। इस खत में कहा गया कि उसे राज्य में हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में ''भाजपा के लिये काम करने के लिये दंडित किया गया''। बिस्वास ने कहा कि जिस जगह कुमार का शव लटका मिला वहां ऐसा कोई खत बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वह भाजपा या किसी दूसरे राजनीतिक संगठन का सदस्य था, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। भगवा पार्टी ने महतो की हत्या के खिलाफ नयी दिल्ली और राज्य में कई विरोध रैलियां की थीं।
सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सीमावर्ती राज्य झारखंड के लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जाएगी। राज्य सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''क्योंकि यह सीमावर्ती जिला है, महतो और कुमार की हत्या में बाहरी की भूमिका संभव है। ये हत्याएं साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।’’
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने दो युवकों की हत्या की निंदा की है और दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने ट्वीट किया, ''हम इस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। हर नजरिये से जांच होनी चाहिए। इस घटना के दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। इसमें झारखंड की सीमा की क्या भूमिका हो सकती है ? बजरंग दल, माओवादी या भाजपा के कौन से तत्व शामिल हो सकते हैं ? समुचित जांच के जरिये सच सामने आना चाहिए।’’



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