एचसीएल के अपहृत इंजीनियर को नौ दिन बाद पुलिस - एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद कराया मुक्त HCL's hijacked engineer was arrested nine days later by police-STF after the encounter




  • व्हाट्सएप पर की थी प्लानिंग, 15 लाख फिरौती की थी मांग, तलाश में पुलिस ने लगाई 20 टीमें
  • बदमाश अब तक 5 लोगों का कर चुके थे अपहरण, हाथ - पैर बांध बक्से व सेंट्रल टेबल के नीचे अपहृत को छुपाते थे। 


गाजियाबाद, ( संवाददाता )   9 दिन पहले राजनगर एक्सटेंशन चैराहे से  अगवा किए गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पुलिस और इसकी विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के संयुक्त अभियान में मुठाभेड़ के बाद शुक्रवार को मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने अपहरण में शामिल तीन बदमाशों रिंकू, शरद और महेश को गिरफ्तार किया है। इससे पहले हुई मुठभेड़ दो बदमाशों शरद और महेश के साथ पुलिसकर्मी अरूण कुमार और एसटीएफ के मनीष कुमार घायल हो गए। घायलों का इलाज चल रहा है। 
एचसीएल के इंजीनियर राजीव कुमार का नोएडा कार्यालय से लौटते समय 23 मई को राजनगर एक्सटेंशन में एक बस स्टैंड के पास से अपहरण हो गया था। वह हरिद्वार जाने वाली बस की प्रतीक्षा कर रहे थे। 

एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी और उन्हें आठ दिनों तक कैद में रखा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्णा के मुताबिक, राजनगर एक्सटेंशन के ब्रेव हाइट्स अपार्टमेंट के पास राजीव कुमार को मुक्त कराने के अभियान के दौरान गोली लगने से दो पुलिस कांस्टेबल और दो अपहरणकर्ता घायल हुए हैं।

राजीव को इंदिरापुरम पुलिस थानांतर्गत आने वाले प्रह्लाद गढ़ी गांव के एक घर से बचाया गया। एसएसपी कृष्णा ने कहा, ‘ जब पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को घेर लिया, तो उन लोगों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो घायल अपहरणकर्ताओं सहित तीन अपहरणकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए। ’

एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस द्वारा पकड़े गए अपहरणकर्ता गिरोह में युवा अपराधी शामिल हैं, जो उच्च मध्यमवर्गीय दर्जे के पेशेवरों का उनकी गतिविधियों के बारे में अच्छी तरह से पता लगाने के बाद अपहरण कर लेते थे। 

एसएसपी ने  बताया कि संपर्क में बने रहने के लिए अपहरणकर्ता व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे थे। शातिर बदमाश मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे। फिरौती के लिए बंधक के ही मोबाइल से वाॅट्सएप काॅल करते थे, जिससे पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर पाए। 
उधर राजीव का कहना है कि अपहरण करने वाले बदमाशों का बंधक बना कर रखने का अजब तरीका था। बदमाश किसी को बक्से में बंद कर रखते थे तो किसी को सेंट्रल टेबल के नीचे छिपा देते थे। बदमाश अब तक पांच लोगों का अपहरण कर फिरौती वसूल चुके है। ये रोज नशे का इंजेक्शन लगाते थे। नींबू पानी में नींद की गोली मिला पिलाते थे ताकि होश न आए। 



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