ऑल वेदर चार धाम प्रोजेक्ट All Weather Char Dham Project



मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना ऑल वेदर रोड पर काम काफी तेजी से चल रहा है ऋषिकेश से गंगोत्री मार्ग पर प्रथम चरण का कार्य तीव्र गति से जारी है ऋषिकेश से चंबा तक करीब 70 किलोमीटर मार्ग पर पहाड़ कटिंग का लगभग 50 परसेंट काम हो चुका है इसी गति से काम चलता रहा तो ये उम्मीद है कि चंबा तक अगले वर्ष 3 लेन सड़क का कार्य पूरा हो जाएगा हालांकि अभी एनजीटी में इसकी सुनवाई चल रही है हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा चुके हैं और हजारों अभी और काटने हैं चौड़ी सड़क बन जाने से जहां एक ओर पर्यटकों को आसानी होगी वही पहाड़ पर बिना प्रदूषण के उद्योग के लाने का रास्ता भी साफ होगा इसके साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों को भी इसका लाभ होगा।

इन सड़कों का चौड़ी होना भारतीय सीमाओं की सुरक्षा से भी जुड़ा है क्योंकि चारों मार्ग भारत तिब्बत सीमा पर चीन से मिलते हैं जिससे हमारी रक्षा प्रणाली राशन व अन्य सामग्री सीमा तक पहुंचने में सुलभ होगी वहीं चीन ने हिमालय पर सड़कों का जो जाल बनाया है ये उसका भी जवाब होगा इस बात के लिए मोदी सरकार को श्रेय देना होगा कि उन्होंने 70 वर्षों से चली आ रही सुरक्षात्मक (DEFENCIVE) वो आक्रमक में बदला 62 के चीन युद्ध के बाद चीनी सेना है उत्तरकाशी तक घुस आयी थी तब से अभी तक भारतीय नौकरशाही में सरकारों की नीति इस बात से भी स्पष्ट होती है कि यदि हमारी सड़कें चौड़ी होंगी तो दुश्मनों को हमारी सीमा में आने में आसानी होगी परंतु मोदी सरकार की सोच इस मामले में आक्रामक है।

यदि इसके पीछे संघ का धार्मिक तर्क तीर्थ यात्रा को बढ़ाना ना हो क्योंकि RSS का मुख्य एजेंडा ज्यादातर धार्मिक आधारित ही होता है जहां तक राज्य के विकास का सवाल है तो इससे स्थानीय लोगों को दोहरा लाभ होने की संभावना एक तो पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे जिससे होमस्टे योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर बनेंगे वही स्थानीय फल व सब्जी (हर्षिल व पुरोला ) के व्यापारी अपनी फसल समय पर दिल्ली पहुंचा सकेंगे और इसके साथ ही बहुत सी आयुर्वेद व मिनरल वाटर की कंपनियां पहाड़ में अपने उद्योग लगाने की पहल करेंगे क्योंकि बिना अच्छी सड़कों के कोई भी उद्योग सफल नहीं होता कुल मिलाकर इस परियोजना का पूरा होना मोदी सरकार की 2019 में वापसी होने पर भी निर्भर करेगा क्योंकि यदि 2019 में कोई दूसरी गैर भाजपा सरकार आई तो इसे ठंडे बस्ते में डालने या गति कम होने की पूरी आशंका रहेगी इस परियोजना के साथ यदि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को भी इसी तर्ज पर बनाया जाए तो इसका दोहरा लाभ प्रदेश को होगा।

सिकंदर यादव 



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