स्वामी अग्निवेश पर हमला लोकतंत्र पर हमला हैः रामदुलार यादव Attack on Swami Agnivesh is an attack on democracy: Ramdular Yadav



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )  समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता, सामाजिक कार्यकर्ता शिक्षाविद रामदुलार यादव ने आर्य समाज संत, प्रखर वक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निबेश व उनके कार्यकताओं के ऊपर हमला कर उनकी पिटाई करने की घोर निन्दा की है।  

यादव ने एक बयान में कहा कि झारखण्ड के पाकुड़ जिले में स्वामी पर हमला करने वाले लोगा कौन थे यह जांच का विषय है,  लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर हमला अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर, भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर तथा विचार पर हमला है। यह बीमार मानसिकता वाले अंध भक्त हजारों साल से समाज व देश में भ्रम व झूठ फैला कर अपनी विचारधारा को प्रगतिशील समाज पर थोपना चाहते हैं। जो पाखंड व झूठ का विरोध करता उसे रास्ते का रोड़ा समझकर उस पर हमला कर शारीरिक चोट पहुंचाते है। यहां तक की जान लेने से भी बाज नहीं आते। महाराष्ट्र में दाबोलकर कर्नाटक में कलबुर्गी व पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या ज्वलन्त उदाहरण है। 
रामदुलार यादव ने कहा कि जब से केन्द्र व कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है भाजपा तथा इसके अनुशांगिक संगठन के कार्यकर्ता बेलगाम हो गये हैं। सत्ता के मद में वे देश, समाज में व्याप्त सद्भाव, भाईचारा न्याय व बन्धुत्व की भावना को कमजोर करने में लगे हुए है। देश में अहिष्णुता बढ़ रही है। समाज में भ्रम, झूठ व भय का वातावरण बन रहा है, अफवाहें फैलाई जा रही हैं। यह समाज देश व लोक राज के लिए शुभ संकेत नहीं है। समय पर भीड़ द्वारा निर्दोषों की निर्मम हत्या से हर वर्ग डरा व सहमा हुआ है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय को केन्द्र व प्रदेश सरकारों का संज्ञान लेने व उचित कार्यवाही करने के लिए निर्देशित करना पड़ रहा है। यह लोकतंत्र व कानून के राज्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।  मानसिक गुलामी अंधकार अंधविश्वास, अज्ञानता व पाखण्ड से देश में भ्रम व झूठ फैल रहा है। सामाजिक कार्यकताओं के साथ अमानवीय व्यवहार कानून के राज्य पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी की अपील का भाजपा, आर0आर0एस0 व उसके अनुशांगिक संगठनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे अंग्रेज अधिकारियों द्वारा भारतीयों पर जुल्म करना, इतनी क्रूरता की, न अपील, न वकील, न दलील बस जो सांम्प्रदायिक व सामंती ताकतें कर रही है वही सही है। 
मेरा देश के बुद्धिजीवी वर्ग से यह निवेदन है कि उपरोक्त घटना कि जो स्वामी अग्निचेश के साथ घटित हुई है उसकी आधिक से अधिक निन्दा करनी चाहिए, जिससे सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ताओं का मनोबल न गिरे। वे सद्भाव, भाईचारा, प्रेम, न्याय व बन्धुत्व की रक्षा के लिए संघर्षरत रहें।  



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