खरीफ की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में रैली करने जा रहे हैं. मुक्तसर के मलोट की इस रैली के जरिए पीएम मोदी की नजर मुख्य तौर पर किसानों पर रहेगी. मोदी की यह रैली भले ही 'किसान कल्याण रैली' के तौर पर पेश की जा रही हो, लेकिन इसके कुछ राजनीतिक मायने भी हैं. दरअसल, दक्षिणी पंजाब के मलोट में मोदी के रैली करने का उद्देश्य बीजेपी के लिए पंजाब में किसान वोट बैंक हासिल करना है. क्योंकि सरकार द्वारा हाल ही में एमएसपी को लेकर की गई घोषणा के बाद यदि किसी राज्य के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा तो वो पंजाब के किसान हैं. आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब में पैदा होने वाले धान और गेहूं का 90 फीसदी हिस्सा सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा जाता है. ऐसे में हाल ही में एमएसपी को लेकर हुई घोषणाओं का सीधा असर यहां के किसान वोट बैंक पर दिखेगा. एमएसपी को लेकर सरकार की घोषणा का फायदा उन्हीं इलाकों में किसानों को मिलने जा रहा है, जहां उनकी उपज सीधे सरकारी क्रय केंद्रों में जाती है. इसके अलावा पीएम मोदी 'किसान कल्याण रैली' के जरिये मोदी पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के किसानों पर भी निशाना साधेंगे. इसके पीछे वजह है 2019 में होने वाले लोकसभा और विधासनभा चुनाव. बता दें कि 2019 में लोस चुनाव के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी हैं. इससे पहले राजस्थान में विधानसभा चुनाव होंगे. ऐसे में इस रैली में केंद्र व प्रदेश भाजपा-अकाली नेता किसान वोट बैंक हासिल करने की कोशिश करेंगे.
खास है PM मोदी के पंजाब आने की वजह, किसानों के बीच फूंकेंगे 2019 का चुनावी बिगुल- modi-kisan-kalyan-rally-in-malkot-is-to-cash-farmer-votes
खरीफ की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में रैली करने जा रहे हैं. मुक्तसर के मलोट की इस रैली के जरिए पीएम मोदी की नजर मुख्य तौर पर किसानों पर रहेगी. मोदी की यह रैली भले ही 'किसान कल्याण रैली' के तौर पर पेश की जा रही हो, लेकिन इसके कुछ राजनीतिक मायने भी हैं. दरअसल, दक्षिणी पंजाब के मलोट में मोदी के रैली करने का उद्देश्य बीजेपी के लिए पंजाब में किसान वोट बैंक हासिल करना है. क्योंकि सरकार द्वारा हाल ही में एमएसपी को लेकर की गई घोषणा के बाद यदि किसी राज्य के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा तो वो पंजाब के किसान हैं. आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब में पैदा होने वाले धान और गेहूं का 90 फीसदी हिस्सा सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा जाता है. ऐसे में हाल ही में एमएसपी को लेकर हुई घोषणाओं का सीधा असर यहां के किसान वोट बैंक पर दिखेगा. एमएसपी को लेकर सरकार की घोषणा का फायदा उन्हीं इलाकों में किसानों को मिलने जा रहा है, जहां उनकी उपज सीधे सरकारी क्रय केंद्रों में जाती है. इसके अलावा पीएम मोदी 'किसान कल्याण रैली' के जरिये मोदी पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के किसानों पर भी निशाना साधेंगे. इसके पीछे वजह है 2019 में होने वाले लोकसभा और विधासनभा चुनाव. बता दें कि 2019 में लोस चुनाव के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी हैं. इससे पहले राजस्थान में विधानसभा चुनाव होंगे. ऐसे में इस रैली में केंद्र व प्रदेश भाजपा-अकाली नेता किसान वोट बैंक हासिल करने की कोशिश करेंगे.



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