नई दिल्ली :भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रीपो रेट को 0.25 पर्सेंट बढ़ाकर 6.5 पर्सेंट जबकि रिवर्स रीपो रेट को बढ़ाकर 6.25 पर्सेंट कर दिया है। खास बात यह है कि दो महीने में और मोदी सरकार के कार्यकाल में भी दूसरी बार ये बढ़ोतरी की गई है। आपको बता दें कि रीपो रेट वह होता है जिस पर RBI बैंकों को पैसा देता है। वहीं, बैंकों की रकम पर रिजर्व बैंक जिस दर पर ब्याज देता है, उसे रिवर्स रीपो रेट कहते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि देश के केंद्रीय बैंक के इस फैसले की वजह क्या है? महंगाई सबसे बड़ी चिंता है मॉनसून अच्छा रहने और सरकार द्वारा फसलों की MSP सामान्य से अधिक बढ़ाने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से मांग बढ़ेगी और इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। हालांकि अगर कंपनियां हाल के जीएसटी रेट में कटौती को लागू करती हैं तो महंगाई का कुछ असर नियंत्रित हो जाएगा। ईंधन की कीमतें अब भी ज्यादा हैं क्रूड ऑइल की कीमतें फिलहाल स्थिर भले दिख रही हों लेकिन ये कब बढ़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता है। ईंधन के दाम बढ़ने से महंगाई तेजी से बढ़ सकती है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार ठीक, रुपया कमजोर इस साल के लिए अनुमानित जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 फीसदी होना मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत माना जा रहा है। वहीं, एशियाई देशों की मुद्राओं में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरा है। ब्याज दर ज्यादा रहने से इसे आगे गिरने से रोका जा सकता है और विदेशी पूंजी को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
ब्याज दरें क्यों बढ़ा रहा है रिजर्व बैंक, समझिए पूरी स्थिति- why-reserve-bank-of-india-is-making-money-more-expensive
नई दिल्ली :भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रीपो रेट को 0.25 पर्सेंट बढ़ाकर 6.5 पर्सेंट जबकि रिवर्स रीपो रेट को बढ़ाकर 6.25 पर्सेंट कर दिया है। खास बात यह है कि दो महीने में और मोदी सरकार के कार्यकाल में भी दूसरी बार ये बढ़ोतरी की गई है। आपको बता दें कि रीपो रेट वह होता है जिस पर RBI बैंकों को पैसा देता है। वहीं, बैंकों की रकम पर रिजर्व बैंक जिस दर पर ब्याज देता है, उसे रिवर्स रीपो रेट कहते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि देश के केंद्रीय बैंक के इस फैसले की वजह क्या है? महंगाई सबसे बड़ी चिंता है मॉनसून अच्छा रहने और सरकार द्वारा फसलों की MSP सामान्य से अधिक बढ़ाने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से मांग बढ़ेगी और इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। हालांकि अगर कंपनियां हाल के जीएसटी रेट में कटौती को लागू करती हैं तो महंगाई का कुछ असर नियंत्रित हो जाएगा। ईंधन की कीमतें अब भी ज्यादा हैं क्रूड ऑइल की कीमतें फिलहाल स्थिर भले दिख रही हों लेकिन ये कब बढ़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता है। ईंधन के दाम बढ़ने से महंगाई तेजी से बढ़ सकती है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार ठीक, रुपया कमजोर इस साल के लिए अनुमानित जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 फीसदी होना मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत माना जा रहा है। वहीं, एशियाई देशों की मुद्राओं में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरा है। ब्याज दर ज्यादा रहने से इसे आगे गिरने से रोका जा सकता है और विदेशी पूंजी को भी आकर्षित किया जा सकेगा।



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