बेगूसराय से कन्हैया कुमार को चुनौती देंगे भाजपा के राकेश सिन्हा ! BJP's Rakesh Sinha will challenge Kanhaiya Kumar from Begusarai!



पटना। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार बेगूसराय से भाकपा के उम्मीदवार के तौर पर महागठबंधन राजद, कांग्रेस, हम और NCP के सहयोग से 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। इस खबर के आने के बाद देश भर में इस बात को लेकर हलचल मची हुई है कि कन्हैया के खिलाफ NDA का उम्मीदवार कौन होगा। ऐसे में चर्चा जोरों पर है कि हाल में भाजपा में शामिल हुए आरएसएस के पूर्व प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा बेगूसराय से NDA के उम्मीदवार हो सकते हैं।

ऐसी संभावनाएं इसलिए भी जतायी जा रही हैं क्योंकि हाल ही में राकेश सिन्हा ने इस खबर को लेकर एक ट्वीट किया था जिसके बाद इस खबर को और बल मिलने लगा। अपने ट्वीट में सिन्हा ने लिखा, "कुछ वामपंथी मेरे भविष्य को लेकर ट्विटर पर बहुत चिंतित हैं। वे बेगूसराय के लोकसभा चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए मन भर गाली दे रहे हैं। इतना समय और ऊर्जा वे मार्क्स को भारतीय संदर्भ में समझने में लगाते तो शायद उनकी मानसिक उन्नति होती। बेगूसराय में भगवा बयार उन्हें दिखाई नहीं पड़ रहा है।"

कन्हैया कुमार और राकेश सिन्हा दोनों बेगूसराय से ही आते हैं। जहां कन्हैया कुमार का लोकसभा चुनाव लड़ना कन्फर्म है वहीं NDA में उम्मीदवार की तलाश जारी है। वर्तमान में बेगूसराय से सांसद भोला सिंह हैं जो कि भाजपा से हैं। भोला सिंह भाजपा वरिष्ठ नेता तो हैं पर चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं। साथ ही साथ भाजपा आलाकमान बिहार चुनाव के दौरान भोला सिंह के राजेंद्र प्रसाद सिंह, जदयू के समर्थन से तीसरे स्थान पर रहे थे।

कभी बिहार में लेफ्ट का बोलबाला था पर अब बेगूसराय के आसपास ही सीमित रह गया है। ऐसे में लेफ्ट को कन्हैया कुमार से बड़ी उम्मीदें होंगी। कन्हैया ने भी बताया है कि अगर पार्टी (CPI) उन्हे बेगूसराय से उम्मीदवार के रूप में नामित करने का फैसला करती है और महागठबंधन के अन्य सहयोगी दल भी अपना समर्थन देते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं राकेश सिन्हा अपनी उम्मीदवारी को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। 


पर सवाल यह है कि अगर कन्हैया बेगूसराय से भाकपा के उम्मीदवार होते हैं तो क्या कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां उन्हे समर्थन करेंगी क्योकि कन्हैया पर देशद्रोह से आरोप लगे है। कन्हैया पर उन लोगों का साथ देने का आरोप है जिन्होंने JNU में भारत तेरे टूकड़े होंगे के नारे लगाए थे। अभी वे जमानत पर बाहर हैं। कन्हैया बेगूसराय जिला के बरौनी प्रखंड अंतर्गत बिहट पंचायत के मूल निवासी हैं जबकि उनकी मां एक आंगनवाड़ी सेविका तथा उनके पिता एक छोटे किसान हैं। वहीं राकेश सिन्हा दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में प्रोफेसर के साथ साथ इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च के सदस्य भी हैं। वे अखबारों में लिखते के अलावा टेलीविजन आरएसएस विचारक के तौर पर हिस्सा लेते रहे हैं।




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