नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने के बसपा प्रमुख मायावती के फैसले का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा साथ आ सकती है।
मायावती ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि वह मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उनके फैसले को भाजपा के खिलाफ विपक्ष के महागठबंधन बनाने के प्रयासों के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में गांधी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मध्य प्रदेश में बसपा के गठबंधन नहीं करने से हमारे ऊपर कोई विपरीत असर हो रहा है।’’
बहरहाल, गांधी ने यह भी कहा कि अगर गठबंधन होता तो बेहतर होता। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जीत हासिल करेगी। गठबंधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में गठबंधन और केंद्र के स्तर पर गठबंधन में बहुत अंतर होता है। मायावती जी ने इसका संकेत दिया है। राज्य में हमारा रुख लचीला था। असल में प्रदेश के कुछ नेताओं की तुलना में मेरा रुख ज्यादा लचीला था। हम बातचीत कर रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया था।’’
गांधी ने यह भी कहा, ‘‘मेरा मानना है कि राष्ट्रीय चुनाव में विपक्षी पार्टियां साथ आएंगी और खासकर उत्तर प्रदेश में साथ आएंगी।’’ मायावती ने कहा था कि राहुल गांधी और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस के कुछ ‘वरिष्ठ नेताओं’ ने तालमेल की संभावनाओं को विफल करने का काम किया।



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