नयी दिल्ली । लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक और ऑटिज्म से ग्रस्त लोगाें के उपचार से संबंधित विधेयक आज राफेल सौदे पर विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कराये गये।
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर बाद दो बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस तथा तेलुगुदेशम् पार्टी के सदस्य अपनी-अपनी माँगों को लेकर पहले की तरह ही अध्यक्ष के आसन के समीप आ गये। शोर-शराबे के बीच ही उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को चर्चा के लिए सदन के समक्ष रखा। इस विधेयक में भ्रामक विज्ञापन देने तथा मिलावटी सामान बेचने वाले विनिर्माताओं तथा सेवा प्रदाताओं को ज्यादा कड़ी सजा तथा बड़े जुर्माने की व्यवस्था है। विधेयक को चर्चा के बाद सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने ऑटिज्म तथा मस्तिष्काघात संबंधी अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के कल्याण के लिए न्यास के अधिनियम में संशोधन संबंधी विधेयक को सदन के विचारार्थ रखा। यह विधेयक राज्यसभा में पहले ही पारित हो चुका है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सूले ने यह सुनिश्चित करने की माँग की कि इस न्यास का अध्यक्ष तथा अन्य सदस्य ऑटिज्म के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को ही बनाया जाये। सदन ने बिना चर्चा के इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
विधेयक पारित होते ही अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।



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