रालेगण सिद्धि, (वार्ता) सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आश्वासन के बाद 30 जनवरी से जारी अपना अनशन तोड़ दिया है।
श्री फडणवीस ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे के साथ अन्ना से मुलाकात की और उनकी मांगों को मानने का भरोसा दिलाया जिसके बाद उन्होंने सात दिन से चल रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि अन्ना की कृषि मूल्य आयोग की स्वायत्तता और किसानों के मुद्दों के समाधान समेत सभी मांगों पर विचार के लिए समिति बनायी जाएगी जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री करेंगे। नीति आयोग के सदस्य भी इसका हिस्सा होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समिति की समयबद्ध सिफारिशों पर केंद्र सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अन्ना ने किसानों की राशि बढ़ाने की मांग की है जिस पर वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि संसाधन बढ़ने पर निधि बढ़ायी जायेगी।
गौरतलब है कि अन्ना केंद्र में लोकपाल और महाराष्ट्र में लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति तथा किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए 30 जनवरी से महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में अनशन कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि भाजपा 2014 में सत्ता में आने से पहले भ्रष्टाचार से निपटने के लिए किये गये वादे भूल गयी है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लोकपाल पर अपने वादे पूरे नहीं करती तो वह अपना पद्म भूषण पुरस्कार लौटा देंगे।



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