सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद। अखबारों के समाचारों और दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद से जिला गाजियाबाद के प्रशासन की नींद खुल गयी है। इस कड़ी में मंगलवार को एक एसडीएम के नेतृत्व में प्रदूषणकारी और इंसानी जानों के लिये खतरा बने कारखानों को सील करने की कार्यवाही की गयी।
जानकारी के अनुसार साहिबाबाद स्थित भोपुरा के गगन विहार स्थित चामुंडा मंदिर के पास एसडीएम टीपी सिंह के नेतृत्व में प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई । इस मामले में लगभग एक दर्जन फैक्ट्रियों को सील किया गया तथा प्रदूषण फैलारहीं पांच भट्टियों को ध्वस्त किया गया। आज की कार्रवाई में प्रदूषणकारी कारखानों में 5 जींस रंगाई के कारखाने, एक पानी का प्लांट तथा 5 लोहा गलाने वाली भट्टी सील हुईं। इसके अलावा लोहा गलाने वाली पांच भट्टियों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने इसके साथ ही सभी सील किए गए और कारखानों के बिजली के कनेक्शन काटकर उनके मीटर उखाड़ लिए गए हैं।
यहां यह भी गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में डाली गई एक जनहित याचिका के बाद 2015 में आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर गाजियाबाद के जिला प्रशासन ने 3 एवं 5 अगस्त को गाजियाबाद के अलावा हिंडन पार क्षेत्र साहिबाबाद में भी प्रदूषण कार्यकारी कारखानों को सील किया था। इस मामले के एक पैरोकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता राजीव शर्मा ने बताया कि प्रशासन की सीलिंग की कर्रवाई के बाद कारखानों पर लगीं सील एक साजिश के तहत खुर्द बुर्द कर फिर से कारखाने चलाए जारहे हैं। अब देखना यह है कि आज की यह कार्रवाई कब तक कायम रहती है और प्रदूषणकारी कारखानों से स्थाई छुटकारा लोगों को मिलेगा अथवा नहीं।



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