घायलों में से एक सब्जी विक्रेता।
सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद । डीएलएफ कॉलोनी साहिबाबाद में कुछ लोगों ने व्यापार मंडल के नाम से एक संगठन बनाकर क्षेत्र में अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है। सोमवार को सब्जी बेचने के लिए आए कुछ लोगों के साथ इन तथाकथित व्यापार मंडल के नेताओं ने मारपीट की और उन्हें घायल कर दिया। इस मामले में वहां राजनीति शुरू हो गई है। जिसमें दो पक्ष बन गए हैं । एक पक्ष व्यापार मंडल का तथा दूसरा आरडब्लूय का है इनकी अपनी अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षायें हैं। बेचारे सब्जी वाले बीच में तीसरा पक्ष बनकर पिट गए हैं ।
जानकारी के अनुसार व्यापार मंडल के नाम पर कुछ लोगों ने एक संगठन बना रखा है जो स्थानीय पार्षद के मुंह लगे बताए जाते हैं । इन लोगों ने कालोनी में अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है, जिसे चाहे उसे कॉलोनी में सब्जी बेचने देते हैं और जिसे चाहे उसके साथ मारपीट करने पर उतर आते हैं। सोमवार को एक इसी तरह का एक मामला उस समय पेश आया जब इन तथाकथित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कुछ सब्जी वालों से उनका नाम और पता पूछा । आरोप है कि राजीव कॉलोनी का नाम सुनते ही इन नेताओं की भृकुटी तन गयीं और सब्जी वालों को कालोनी से खदेड़ने के लिए लाठी-डंडों से पिटाई कर दी गई । इन नेताओं का कहना है कि उनकी कॉलोनी में वही लोग सब्जी बेचेंगे जिन्हें उन्हें उन्होंने पास दे रखा है।
इस मामले में जिनके साथ मारपीट की गई उनके नाम शिवम पुत्र जितेंद्र , अरशद पुत्र समसुद्दीन, कांति पुत्र हरिराम तथा निसार पुत्र इकरामुद्दीन हैं। इनमें से एक का सर फूट गया है , एक के पैर में गंभीर चोट है, तथा 2 के हाथ और शरीर में चोटों के निशान बने हैं। घायल सब्जी वालों ने अपनी शिकायत डीएलएफ पुलिस चैकी में दी है। जिसमें आरोपियों के नाम लिखे हैं। इस प्रकरण को लेकर यहां दो पक्ष बन गए हैं जिनमें दूसरा पक्ष आरडब्लूए का है । आरडब्लूए और व्यापार मंडल दोनों की यहां नेतागिरी चलती है।
उधर स्थानीय पार्षद यशपाल पहलवान का आरोप है कि उनके नगर निगम के पंप ऑपरेटर बिट्टू की पिटाई सब्जी विक्रेताओं ने की है । जो लॉक डाउन में दिन रात मेहनत करके लोगों की सेवा कर रहा है । आरोप है कि पंप ऑपरेटर ने अपनी पंप के सामने सब्जी वालों को सब्जी नहीं लगाने की हिदायत दी थी। इससे नाराज होकर सब्जी वालों ने पंप ऑपरेटर की पिटाई कर दी ।लेकिन इस मामले में पंप ऑपरेटर को सामने नहीं लाया जा रहा जिससे पता लगे कि उसको कहां चोट आई हैं । जवकि चोटों के निशान सब्जी वालों के बदन पर साफ दिखाई दे रहे हैं। राजनीति कौन कर रहा है यह देखा जो समझा जा सकता है? बरहाल दो पक्षों के बीच में फंसे सब्जी वाले शिकार हो गए। अब देखना यह है कि सब्जी वालों को क्या पुलिस न्याय दिला पाएगी या कालोनी की लोकल रानीति में यह पीड़ा दब जायेगी।



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