- हालिया अधिसूचना दिखाती है कि डीयू प्रशासन छात्रों की परेशानियाँ जानने के बावजूद उनके प्रति पूरी तरह से उदासीन है
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉरेसपोंडेस छात्रों (स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और एनसीवेब) की समस्याओं पर बरकरार उदासीनता की कड़ी निंदा करता है। डीयू प्रशासन द्वारा कथित तौर पर छात्रों के ओपन बुक परीक्षा के संबंध में आशंकाओं को दूर करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना दिखाती है खुद डीयू प्रशासन को ओपन बुक परीक्षा से छात्रों को होने वाली समस्याओं के बारे में पता है, मगर फिर भी अपने अड़ियल और मनमाने रवैये के कारण वो लाखों छात्रों के भविष्य से खेल रहा है।
ज्ञात हो कि डीयू प्रशासन एसओएल छात्रों की समस्याओं पर उदासीन रवैया अख्तियार किए हुए है। इन छात्रों को या तो स्टडी मटेरियल मिला ही नहीं है, या अधूरा मिला है। साथ ही, इन स्टडी मटेरियल में गलतियाँ भरी पड़ी हैं। मगर इन समस्याओं के प्रति उदासीन बने रहना साथ दिखाता है कि डीयू प्रशासन छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है।
केवाईएस मांग करता है कि रेगुलर और कॉरेस्पोंडेंस छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए डीयू द्वारा ऑनलाइन / ओपन बुक परीक्षा आयोजित करने के फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, शिक्षकों और छात्रों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद परीक्षाओं के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने से पहले, सेमेस्टर और अकादमिक सत्र को बढ़ाया जाना चाहिए जैसा पहले भी आपदा के समय देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में होता रहा है, और कक्षा शिक्षण एक निश्चित अवधि के लिए आयोजित किया जाना चाहिए। केवाईएस आने वाले दिनों में डीयू के इस भेदभावपूर्ण फैसले के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान करता है।



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