सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
मेरठ । अपर आयुक्त मेरठ मंडल रजनीष राॅय ने बताया कि श्री अषोक कुमार लाल, तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी गाजियाबाद/गौतमबुद्धनगर के विरूद्ध शासन द्वारा संस्थित विभागीय जांच में मा0 आयुक्त महोदया जांच अधिकारी है। जांच के संबध्ंा में अपचारी अधिकारी के विरूद्ध जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के माध्यम से आरोप पत्र की प्रति प्रेषित की गयी थी परन्तु अपचारी अधिकारी के उपस्थित न होने के कारण आरोप पत्र की तामिल नहीं हो सकी। मा0 आयुक्त महोदया द्वारा आरोप पत्र का प्रकाशन समाचार पत्रों में कराने के निर्देष दिये गये है जोे कि इस प्रकार है-
श्री अषोक कुमार लाल, तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी गाजियाबाद/गौतमबुद्धनगर निवासी-ए-156, सैक्टर-41, नोएडा, जिला गौतमबुद्धनगर (मो0नं0-9354225563) को सूचित करते हुये कहा कि नियुक्ति विभाग उ0प्र0 शासन लखनऊ के पत्र सं0-2307/दो-3-2019-22-3(13)/2001 दिनांक 27 नवंबर 2019 के माध्यम से प्राप्त संषोधित आरोप पत्र जांच अधिकारी/आयुक्त मेरठ मंडल मेरठ द्वारा आपको उपरोक्त वर्णित पते पर प्रेषित किया था तथा दूरभाष पर सूचित भी किया गया परन्तु निवास स्थान पर आपके उपस्थित न होने के कारण संशोधित आरोप पत्र की तामिल तहसीलदार दादरी तथा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी गौतमबुद्धनगर द्वारा चस्पा के माध्यम से करायी गयी है। न्यायहित में आपको अंतिम अवसर प्रदान करते हुये पुनः सूचित किया जाता है कि संषोधित आरोप पत्र के संबंध में अपना लिखित उत्तर विलम्बतम 15 दिन के अंदर जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें अन्यथा यह मानते हुये कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है, जांच अधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जांच पूर्ण कर आख्या शासन को प्रेषित कर दी जायेगी, जिसके लिए आप स्वयं उत्तरदायीं होंगे।



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