- भ्रष्टाचारियों की मौज, प्रशासन सोया गहरी नींद
- वायरल वीडियो में परियोजना प्रबंधक उन्मेष शुक्ला विभाग के लोगो को रिश्वत के पैसे का बंदरबांट करना सीखा रहे है
सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश में सुशासन लाने के प्रयास में जुटी योगी सरकार की मंशा पर यूपी जल निगम और सीएनडीएस पलीता लगा रहा है। यूपी जल निगम और सीएनडीएस में खुलकर घूसखोरी हो रही है। यूपी जल निगम और सीएनडीएस में अगर कोई कार्य का ठेका आता है तो बिना रिश्वत लिए नहीं होता। बिना घूसखोरी के किसी को ठेका भी नहीं मिलता और जो रिश्वत का पैसा आता है उसे बंदरबांट किया जाता है। दरअसल मामला यूपी के गाजियाबाद जिले के जल निगम और सीएनडीएस का है।
मीडिया ग्रुप में वीडियो वायरल में एक स्टिंग ऑपरेशन के अनुसार यूपी जल निगम के गाजियाबाद जिले के परियोजना प्रबंधक उन्मेष शुक्ला अपने विभाग के इंजीनियर सुकांत दुबे और असिस्टेंट अकाउंटेंट राहुल सिंह को रिश्वत के पैसे को किस तरह से बंदरबांट करना है उसकी जानकारी दे रहे हैं।
आपको बताते चले वायरल वीडियो में परियोजना प्रबंधक उन्मेष शुक्ला अपने विभाग के इंजीनियर सुकांत दुबे और असिस्टेंट अकाउंटेंट राहुल सिंह को दलाली यानी रिश्वत की वसूली की जानकारी दे रहे हैं। वीडियो में उन्मेष शुक्ला बता रहे हैं कि मान लो 8ः के हिसाब से 100 लाख है तो 8ः का 8 लाख आया। 100 लाख में 1ण्25ः निकाल दो तो 1 लाख 25 हजार आया और उसके बाद जो बचेगा वह जल निगम इकाई के पास आएगा। अब आप सभी को यह ध्यान रखना है कि किसी ठेके का पैसा लेना हैए तो उसे किस प्रकार से लेना है कि ताकि सभी जगह वह पैसा आसानी से बट जाए।
आपको बताते चलें वैसे गाजियाबाद में दो यूनिट हैं और दोनों यूनिट पर परियोजना प्रबंधक उन्मेष शुक्ला को बनाया हुआ है। जल निगम के मानकों के अनुसार एक यूनिट पर एक ही परियोजना प्रबंधक होना चाहिए लेकिन उनमें उन्मेष शुक्ला ऊपर अधिकारियों तक पैसे देता है। इस वजह से उसे यहीं पर दोनों यूनिट दी हुई है। और वही इंजीनियर सुकांत दुबे पिछले 7 सालों से गाजियाबाद में ही पैसे देकर अपना ट्रांसफर रुकवा लेते हैं।
आखिर कब तक इस तरह से यह भ्रष्ट अधिकारी लोगों के मेहनत के पैसे को इसी तरह से लेते रहेंगे। विभागीय मंत्री जी इन भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करें और इन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह जानकारी गौहर अनवर ने दी है।




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