- देश-भर में सिर्फ 20 शहरों में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए
- यात्रा पर रोक और यातायात की कमी से ज्यादातर छात्रों को एंट्रैन्स परीक्षा में बैठने में होगी भारी समस्या
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति के नाम ज्ञापन जमा कर सत्र 2020-21 की आवेदन प्रक्रिया में छात्रों को हो रही समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया के संबंध में छात्रों को हो रही समस्याओं जैसे एड्मिशन फॉर्म भरने के लिए दस्तावेजों की कमी, पोस्ट ग्रेजुएट और एम.फिलध् पीएच.डी दाखिलों के लिए इच्छुक छात्रों के लिए कम समयावधि, और जाति एवं अन्य प्रमाण-पत्र की आवश्यकता, को लेकर डीयू कुलपति को अवगत कराया था।
डीयू में विभिन्न स्नातक और संतकोत्तर कोर्सों के लिए पूरे देश से छात्र आवेदन करते हैं, लेकिन डीयू द्वारा सिर्फ 20 शहरों में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रोस्पेक्टस में यह भी कहा गया है कि अगर किसी शहर में परीक्षार्थी कम या ज्यादा होते हैं, तो परीक्षा केन्द्रों या परीक्षार्थी द्वारा चयनित शहर को भी बदला जा सकता है। डीयू में एड्मिशन के लिए लाखों छात्रों के आवेदन को देखते हुए शहरों की यह संख्या बहुत ही कम है। साथ ही, आज देश में बेहद ही संकट का माहौल है और देश-भर में यात्रा पर या तो रोक है, या यातायात के साधन मिलना बेहद ही कठिन है। ट्रेन की सेवा भी बंद कर दी गयी है और इसको आगे भी बढ़ाए जाने की संभावना है। ऐसे में, आवेदन करने वाले छात्रों की एक बड़ी संख्या परीक्षा छोड़ने को मजबूर होगी।
इस संबंध में, डीयू कुलपति को भेजे गए ज्ञापन में केवाईएस ने तुरंत देश-भर के सभी शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग की है। ज्ञात हो कि यह परीक्षा एनटीए द्वारा कराई जा रही है, जो कई अखिल-भारतीय स्तर की परीक्षाएँ देश के सभी शहरों में करवाता रहा है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत इस मांग को नहीं मानता है, तो केवाईएस अपना संघर्ष तेज करेगा।



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