सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल Be cheaper fuel

नई दिल्ली। एशियाई बाजारों में नरमी के रूख के बीच स्थानीय वायदा कारोबार में कच्चा तेल वायदा 1.54 प्रतिशत गिरकर 3,189 रुपए प्रति बैरल रह गया। सटोरिए अपने कारोबार को सीमित दायरे में रखने पर ध्यान दे रहे थे। कच्चे तेल दामों के गिरने का असर डीजल - पेट्रोल पर भी पड़ेगा। खबरों के मुताबिक डीजल और पेट्रोल के दामों में कटौती हो सकती है।
 सितंबर में डिलीवरी वाले कच्चा तेल वायदा का भाव 50 रुपए यानी 1.54 प्रतिशत घटकर 3,189 रुपए प्रति बैरल रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में इसमें आज 4,880 लॉट के लिए कारोबार हुआ। इसके साथ ही अक्टूबर में डिलीवरी वाले कच्चे तेल का भाव भी 48 रुपए यानी 1.46 प्रतिशत गिरकर 3,247 रुपए प्रति बैरल रह गया। इसमें 187 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल के वायदा कारोबार में गिरावट इसके वैश्विक बाजार के रुझान के अनुरूप ही रही। अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में वृद्धि के आंकड़े सामने आए हैं। इससे आपूर्ति अधिक रहने की धारणा बनी है जबकि दूसरी तरफ व्यापारियों ने हाल में आई तेजी को देखते हुए मुनाफा काटना बेहतर समझा।  ऐसे समाचार हैं कि कच्चे तेल उत्पादन में कटौती की ओपेक और रूस के सुझाव पर अब ईरान ध्यान दे रहा है और उनके साथ मिलना चाहता है। इससे पहले इस तरह का प्रयास सिरे नहीं चढ़ पाया था। वेस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट का अक्टूबर डिलीवरी भाव 73 सेंट घटकर 47.37 डॉलर प्रति बैरल रह गया जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट तेल का अक्टूबर डिलीवरी भाव 61 सेंट घटकर 49.35 डॉलर प्रति बैरल पर बोला गया। (भाषा)
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