भारत-अमरीका समझौते से पाक-चीन में हलचल Pak-China Indo-US agreement stir

भारत-अमरीका रक्षा समझौते पर पाकिस्तानी और चीनी मीडिया ने भारत और अमरीका को ख़बरदार करने के अलावा, भारत के अमरीका का पिछलग्गू बनने के ख़तरे की बात कही है.
पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन का कहना है, "भारत-अमरीका रक्षा समझौता पाकिस्तान और चीन पर असर डालेगा."
डॉन उर्दू ने सीधे-सीधे कहा है कि भारत और अमरीका एक दूसरे के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करेंगे.
वेबसाइट के मुताबिक, लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम के बाद अमरीकी नौसेना और वायुसेना के लिए भारत के सैन्य अड्डों से लड़ना आसान होगा. भारत में अमरीका का कोई सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन वो अब भारत के सैन्य अड्डे इस्तेमाल कर सकता है.
डॉन की रिपोर्ट ने इस पर अमरीकी पत्रिका फोर्ब्स का हवाला दिया है. फोर्ब्स ने पहले एक लेख में कहा था, अमरीका और चीन सावधान हो जाएँ, इस हफ़्ते भारत और अमरीका बहुत बड़ा सैन्य समझौता कर सकते हैं.
उर्दू टीवी चैनल समा का कहना है कि इस रक्षा सौदे का असर क्षेत्रीय सामरिक संघर्ष पर पडेगा.
चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि 'क्या भारत अमरीका के साथ गठबंधन की तरफ़ बढ़ रहे हैं.'
अख़बार का कहना है कि ऐसा समझौता करने से भारत अपनी रणनीतिक आज़ादी खो सकता है और 'अमरीका का फ़ॉलोअर' बन सकता है.
चाइना रिव्यू न्यूज़ के मुताबिक इससे भारत स्वतंत्र तौर पर फ़ैसले करने की आज़ादी गंवा देगा.
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