- 14 दिन से लापता जेएनयू छात्र नजीब को वापस लाओ!
- केवाईएस नजीब को ढूँढने में नाकाम दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध का करता है समर्थन!
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) नजीब की सुरक्षित वापसी में नाकाम दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन के समर्थन करता है| ज्ञात ज्ञात हो कि नजीब पिछले 14 दिनों से अपने होस्टल से एबीवीपी द्वारा पीटे जाने के बाद से लापता है, जिसे अभी तक दिल्ली पुलिस व अन्य जांच एजेंसिया ढूँढने में नाकाम रही है| इस घटना की छान-बीन करने की जगह, नजीब को ही ‘आरोपी’ कहने वाला जेएनयू प्रशासन भी उसके गायब होने का ज़िम्मेदार है, और जिसने नजीब को पीटने वाले एबीवीपी सदस्यों को बिना किसी तहकीकात के छोड़ दिया| कैंपस में छात्रो के साथ मारपीट और गुंडागर्दी करना एबीवीपी के लिए कोई नई बात नहीं है जो उसकी गन्दी राजनीति व घटिया चरित्र का अंग है|
हैदराबाद विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की आत्म(हत्या) का मामला हो, या केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा में महाश्वेता देवी पर किए जा रहे कार्यक्रम में दंगा करना हो, या चाहे दिल्ली विश्वविद्यालय में हथियारों की प्रदर्शनी का मामला हो इन तमाम घटनाओं से एबीवीपी का प्रत्यक्ष सम्बन्ध रहा है| यहाँ तक कि इसी वर्ष एबीवीपी ने एसआरसीसी कॉलेज के शारीरिक शिक्षा के अध्यापक के साथ मारपीट की थी| हिन्दू और किरोरीमल कॉलेज में भी एबीवीपी के गुंडों ने जातिवाद, साम्प्रदायिकता की समस्या पर डॉक्यूमेंट्री दिखा रहे छात्रों पर हमला किया| देशबंधु कॉलेज में भी एक छात्र कार्यकर्ता के साथ मारपीट की| न सिर्फ इतना बल्कि शहीद भगत सिंह का शाहदत दिवस मना रहे एसओएल छात्रों पर भी हमला किया था| देखा जाये तो देश भर के विश्वविद्यालय में एबीवीपी की यह गुंडागर्दी केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद तेज़ी से बढ़ी है| विश्वविद्यालय में एबीवीपी की गुंडागर्दी ने ना केवल पढाई का माहौल खराब किया है बल्कि छात्रो के बीच सुरक्षा को लेकर डर और तनाव भी पैदा किया है|
केवाईएस नजीब के लापता होने के ज़िम्मेदार जेएनयू प्रशासन की कड़ी भर्त्सना करता है| साथ ही, सरकार से यह मांग करता है कि वह जल्द से जल्द नजीब का पता लगाकर उसे सुरक्षित वापस लाये| एबीवीपी के इस अलोकतांत्रिक, असामाजिक और छात्र विरोधी रवैये की केवाईएस कड़ी निंदा करता है व एबीवीपी को तुरंत देशभर के विश्वविद्यालय कैंपसों से बैन किये जाने की मांग करता है



0 comments:
Post a Comment