गाजियाबाद, ( संवाददाता ) जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने जन स्वास्थ्य को शासन की सवोच्च प्राथमिकता बताते हुये तथा बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा जननी सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यो का गहन पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण उच्च अधिकारी करे।
जिलाधिकारी विकास भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि वह टीकाकरण, पोष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्साल्यों में समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति तथा गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवायें जन सामान्य को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी अजय अग्रवाल ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत माह सितम्बर तक 6890 संस्थागत प्रसव हुये है। जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप संस्थागत प्रसव न होने तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को अनुमन्य सहायता राशि शतप्रतिशत विवरण न होने पर सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सा अधीक्षकों व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कडी चेतावनी दी की यदि इन कार्यक्रमों में अगले माह तक अपेक्षित प्रगति न हुई तो सम्बन्धित अधिकारियों के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत 5608 लाभार्थी महिलाओं को अनुमन्य सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। अवशेष के खाते बैंक में न होने के कारण धनराशि स्थानान्तरित करने में कठिनाई हो रही है। जिलाधिकारी ने लीड बैंक मेनेजर को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में विशेष ध्यान दें। प्रभारी चिकित्साधिकारी बैकों से समन्वय कर खाते खुलवाकर लाभार्थियों की धनराशि उनके खाते में स्थानान्तिरित कर दे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्णा करूणेश, ए0सी0एम0ओ संजय अग्रवाल, सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


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