मेरे लिए देश पहले आता है : करण जौहर - Unfair to target ae dil hai mushkil karan johar


'मेरे लिए देश पहले आता है'. फिल्म निर्माता करण जौहर ने अपनी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' को लेकर उपजे विवाद पर एक भावुक वीडियो जारी करते हुए मंगलवार को अपनी चुप्‍पी तोड़ी. जौहर ने पक्का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह भविष्य में 'पड़ोसी देश की प्रतिभाओं को मौका नहीं देंगे', लेकिन इसके साथ ही उन्होंने जल्द रिलीज होने वाली अपनी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की वकालत करते हुए उसको टारगेट नहीं करने की अपील भी की.

एक वर्ग विशेष की ओर से फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल', जिसमें पाक कलाकार भी हैं, को प्रतिबंधित किए जाने की मांग का विरोध करते हुए, जौहर ने कहा, '... मैं आपसे विनती करता हूं कि इस चीज पर ध्यान दें... वह यह कि मेरे क्रू में शामिल 300 से अधिक भारतीयों ने इस फिल्म में अपना खून-पसीना बहाया है... ऐसे में मैं नहीं समझता कि अन्य भारतीयों की ओर से किया जाने वाला यह विरोध उनके लिए न्यायसंगत होगा.'

44 साल के निर्माता ने कहा कि वह इतने दिनों तक इसलिए चुप थे, क्योंकि वह इस बात से 'व्यथित और गहरी पीड़ा में थे' कि लोग उन्हें राष्ट्रविरोधी समझ रहे थे. करण ने जोर देकर कहा, 'जब मैंने पिछले साल सितंबर-दिसंबर में अपनी फिल्म की शूटिंग की, तो माहौल और परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं. उस समय हमारी सरकार की ओर से पड़ोसी देश के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते के लिए प्रयास किए गए थे और उस समय मैंने भी इन प्रयासों का सम्मान किया था और मैं वर्तमान भावनाओं का भी सम्मान करता हूं... क्योंकि मैं भी ऐसा ही महसूस करता हूं.'

बात यह है कि करीब 450 सिनेमाघर मालिकों के एक समूह ने पिछले महीने कश्‍मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद कहा है कि वह जनभावनाओं को ध्‍यान में रखते हुए उन फिल्मों का प्रदर्शन नहीं करेंगे, जिनमें पाकिस्‍तानी कलाकार हैं. यह एसोसिएशन सिंगल स्‍क्रीन सिनेमाओं से काफी हद तक जुड़ा है, लेकिन मल्टीप्लेक्स से नहीं. इसके गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा में सदस्य हैं. थे.

करण जौहर ने आगे कहा, 'मैं भारतीय सेना का सम्‍मान करता हूं, मैं भारतीय सेना को सैल्यूट करता हूं... मैं हर तरह के आतंकवाद की कड़े शब्‍दों में निंदा करता हूं... मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब उन परिस्थितियों को समझेंगे, जिनका हम सामना कर रहे हैं और हमारी इस भावना को भी समझेंगे कि हम अपने देश को सबसे अधिक प्यार करते हैं और उसको सम्मान देते हैं. वह हमारे लिए सबसे बढ़कर है.'
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