इंदौर। रविवार तड़के कानपुर के पास जो इंदौर-पटना ट्रेन हादसा हुआ उसमें उस ट्रेन की क्षमता से काफी ज्यादा सवारी सफर कर रही थी। हालांकि, रेलवे की तरफ से यह दावा किया गया है कि करीब 1200 लोग इस ट्रेन में सफर कर रहे थे। लेकिन, एक अंग्रेजी अखबार ने रेलवे सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस ट्रेन में सवार लोगों की संख्या इस आधिकारिक नंबर से काफी ज्यादा है। अब तक इस हादसे में 128 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक घायल हैं।
हादसे में ट्रेन की 14 बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान बी-3, एस-2, एस-3 कोच को हुआ जो आपस में बुरी तरह से चिपक गए। सबसे ज्यादा हतातहत होने वाले लोग इसी डिब्बे में थे। हादेस के वक्त अधिकतर यात्री थे गहरी नींद में सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झांसी से ट्रेन 10 की गति से चल रही थी। यात्रियों ने ट्रेन में तेज आवाज आने की शिकायत भी की थी। इसके चलते कई जगह ट्रेन को रोका भी गया था। लेकिन ड्राइवर को ट्रेन को कानपुर सेंट्रल तक लाने का निर्देश दिया गया था।



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