नोट बंदी पर सामाजिक संस्था 'गांधी विचार मंच' द्वारा आयोजित ‘काव्य-संध्या’ को कवियों का मिला जुला प्रतिसाद The closure of social organization "Gandhi Forums organized



मुम्बई, ( संवाददाता )  पूरे देश में सरकार द्वारा 500 और 1000 के बंद हुए नोट को लेकर काफी हंगामा हो रहा है। आखिर देश के कवियों के क्या विचार है?इसी को लेकर सामाजिक संस्था 'गांधी विचार मंच' के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता द्वारा कवि सम्मलेन यानि काव्य-संध्या 'कागज़ के तीन दुकड़े' (नोट,वोट और अखबार) का आयोजन अजंता पार्टी हॉल,गोरेगाँव (वेस्ट),मुम्बई में शनिवार 19 नवम्बर 2016 को रक्खा गया था, जोकि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।जिसमे काफी नामीग्रामी कविगणों ने अपनी कविता द्वारा लोगों को अपने विचार व्यक्त किये,कुछ ने मोदीजी के कदम को देशहित में अच्छा और सहराहनीय कदम बताया और कुछ ने इस फैसले को देश के लिए खतरनाक और गलत फैसला बताया।


                      जहाँ पर कार्यक्रम में ‘गांधी विचार मंच’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता,उपाध्यक्ष श्रीमती स्नेहलता मनमोहन गुप्ता,शिवजी गुप्ता,ग्लोबल एडवर्टाइज़र के डायरेक्टर अमित गुप्ता,महामंत्री मिथलेश मिश्रा,अग्रबन्धु सेवा समिति के लक्ष्मीनारायण अग्रवाल,गोपाल दास गोयल,बृजकिशोर अग्रवाल,कानबिहारी अग्रवाल,कार्यक्रम के संचालक सुरेश मिश्र,बाबूलाल अग्रवाल, संयोजक जयप्रकाश पाण्डेय,बृजमोहन अग्रवाल और अन्य सम्मानीय लोगों ने कार्यक्रम में सम्मलित होकर कार्यक्रम की शोभा को चार चाँद लगाया। कवि सुरेश मिश्र के संचालन में गीतकार हरिश्वरचन्द्र, श्रीमती सुमिता केशवा, जवाहरलाल निर्झर, श्रीमती मीनू मदान,श्रीमती प्रमिला शर्मा, मधु श्रृंगी, मनमोहन गुप्ता, प्रदीप शर्मा,फिरतुराम यादव,शिल्पा यादव,जाकिर हुसैन,रमेश श्रीवास्तव,शिवम् पांडे इत्यादि कविगणों ने कार्यक्रम में अपनी कवितायों और गीतों के जरिये लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया,शानदार शमा बाँधा। संस्था के मनोज चौधरी,श्रुति और ईश्वर सिंह इत्यादि ने तथा गांधी विचार मंच और अग्रबन्धु सेवा समिति के सभी लोगों ने सहयोग दिया।                             




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