शुक्रवार से ATM ने काम करना शुरू कर दिया है और सरकार के निर्देशों के बाद बैंक भी नोट बदलने का काम रात 9 बजे तक कर रहे हैं। हालांकि इससे स्थिति में अभी तक कुछ ख़ास बदलाव देखने को नहीं मिला है और कैश की कमी के चलते ज्यादातर लोगों को ATM से पैसा नहीं मिल पा रहा है। बैंको पर अभी भी लंबी लाइनें हैं और इसी को देखते हुए सरकार ने 500 और 1000 के पुराने नोटों का इस्तेमाल पब्लिक यूटिलिटी बिल्स के लिए करने की सीमा 72 घंटे तक के लिए बढ़ा दी है। इसका मतलब पेट्रोल पंप, अस्पताल, ट्रेन बुकिंग टिकट बुकिंग, एयर और बस टिटक बुकिंग में इन नोटों का इस्तेमाल अब आप 72 घंटे और कर सकते हैं।
ATM जाने का भी कोई फायदा नहीं
आपको ये जानकर दुःख ज़रूर होगा लेकिन अभी करीब 7 और दिनों तक ATM जाकर कैश कलेक्ट करना आपके लिए मुश्किलों भरा टास्क ही साबित होने वाली है। बता दें कि बैंकों के लिए भी एटीएम में नए नोट डालना एक चैलेन्ज बना हुआ है। असल में इसकी वजह एटीएम का अंदरूनी ढांचा है। एक एटीएम में कैश रखने के लिए केवल 3-4 कसेट्स होते हैं। इन्हें कसेट्स को खास नोटों के डिस्पेंस के हिसाब से तैयार किया जाता है।
आपको ये जानकर दुःख ज़रूर होगा लेकिन अभी करीब 7 और दिनों तक ATM जाकर कैश कलेक्ट करना आपके लिए मुश्किलों भरा टास्क ही साबित होने वाली है। बता दें कि बैंकों के लिए भी एटीएम में नए नोट डालना एक चैलेन्ज बना हुआ है। असल में इसकी वजह एटीएम का अंदरूनी ढांचा है। एक एटीएम में कैश रखने के लिए केवल 3-4 कसेट्स होते हैं। इन्हें कसेट्स को खास नोटों के डिस्पेंस के हिसाब से तैयार किया जाता है।
बैंकों ने इस पर कम करना भी शुरू कर दिया है लेकिन ये एक लंबी प्रोसेस है जिसे पूरा होने में कम से कम एक हफ्ता लगना तय माना जा रहा है। कैश मैनेजमेंट कंपनी लॉजिकैश सलूशंस प्राइवेटलिमिटेड के सीईओ विपिन जैन ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया, 'एटीएम में कैश लोड करने की अपनी चुनौतियां हैं। एक एटीएम में 4 कसेट्स होते हैं। पूरे भारत में एटीएम को नई व्यवस्था के हिसाब से फिक्स करने में कम से कम 7 से 8 दिन लगेंगे।'



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