पटना, ( संवाददाता ) थल सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने कहा है कि बीआरसी (बिहार रेजिमेंटल सेंटर) ने भारतीय सेना का नाम ऊंचा किया है। उसका इतिहास वीरता, बलिदान और गौरवपूर्ण रहा है। बीआरसी के शौर्य की समृद्ध परम्परा और साहस की सराहना करते हुए थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि यह बहुत पुरानी और बहादुर रेजिमेंट में एक रहा है। आज का दिन गौरवशाली है। आपका हौसला और मनोबल बहुत बुलंद है। मुझे यहां आकर गर्व महसूस हो रहा है। सुहाग शनिवार को यहां दानापुर छावनी के ड्रिल मैदान में बीआरसी से 75वें स्थापना दिवस पर आयोजित हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने परेड में रेजिमेंट की तीन नई बटालियन 18 वीं, 19 वीं व 20 वीं को कलर प्रजेंटेशन परेड में ध्वज (निशान) प्रदान किया।
इससे पहले उन्होंने तीनों बटालियन की परेड का निरीक्षण किया। थल सेनाध्यक्ष ने स्थापना के बाद से कम समय में तीनों नई बटालियनों के काम को सलाम किया और कहा कि इनको कलर (ध्वज) देते हुए वह खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। पूर्ण विश्वास है कि तीनों बटालियन हमेशा हर चुनौती और देश की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे, देश की सुरक्षा करेंगे चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े। रेजिमेंट का नाम और झंडा और ऊंचाई पर ले जाएंगे।
थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1941 में स्थापित इस रेजिमेंट को आजादी से पहले छह मिलिटरी क्रास और फिर स्वतंत्रता के बाद 3 अशोक चक्र, दो महावीर चक्र, 13 कीर्ति चक्र और 45 शौर्य चक्र जैसे कई वीरता पदक और विशिष्ट सेवाओं के लिए अवार्ड मिल चुके हैं। अपने संबोधन के शुरू में ही उन्होंने देश का नाम रौशन करने और उच्चस्तर का प्रदर्शन करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही सेना के सभी अधिकारियों, रिटायर्ड अधिकारियों, जवानों और वीर नारी को शुभकामनाएं दी। सेनाध्यक्ष ने परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुछ सैनिकों को सम्मानित भी किया।





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