पीएम मोदी ने पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि जैव विविधता सम्मेलन का किया उद्घाटन-Modi Opens-1st-international-agrobiodiversity-congress-today





pm-narendra-modi-warns-on-surgical-strikes3नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीय राजधानी में पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि जैव विविधता सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम ने कृषि जैव विविधता के उचित प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा, कृषि जैव विविधता क्षेत्र में शोध वैश्विक खाद्य, पोषण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
इस सम्मेलन में 60 देशों के 900 प्रतिनिधि जीन संसाधनों के संरक्षण पर विचार विमर्श करने के लिए हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन 6 से 9 नवंबर के बीच इंडियन सोसायटी ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज एंड बायोडाइवर्सिटी इंटरनेशनल द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह सीजीआईएआर का शोध केंद्र है जिसका मुख्यालय इटली के रोम में है।प्रख्यात वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन ने कहा, ‘जैव विविधता संरक्षण महत्वपूर्ण हो गया है। हमारे देश में स्थिति संतोषजनक नहीं है। हमें काफी कुछ करना होगा।’ उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हर नागरिक का दायित्व है कि जैव विविधता को संरक्षित किया जाये।’ भारतीय कृषि शोध परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) जे एस संधु ने कहा कि यह सम्मेलन ज्ञान साझेदारी को साझा करने के साथ-साथ ‘जर्म-प्लाज्म’ के आदान-प्रदान का मंच प्रदान करेगा। ‘जर्म-प्लाज्म’ कीटाणु कोशिकाओं का समुच्चय है।
संधु ने कहा, ‘यह सम्मेलन नये अभिनव प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिये कम लागत पर जीन बैंकों के प्रभावी प्रबंधन के मुद्दे पर भी विचार करेगा।’ आईसीएआर की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि जैव विविधता सम्मेलन के लिए भारत उपयुक्त स्थल है क्योंकि दुनिया में यह सर्वाधिक विविधता वाले देशों में से एक है। दुनिया के भू रकबे का यहां मात्र 2.4 प्रतिशत भाग है। इसके बावजूद यहां सभी ज्ञात प्रजातियों का सात से आठ प्रतिशत हिस्सा मौजूद है जिसमें पौधों की 45,000 प्रजातियां और जीवों की 91,000 प्रजातियां मौजूद हैं।’

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