नई दिल्ली। भारत के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन का कहना है कि हमारे पास पाकिस्तान के साथ मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के साथ बात नहीं करने से आतंकवादियों का मनोबल बढ़ेगा और इससे आतंकियों व उनके प्रायोजकों का एजेंडा पूरा हो जाएगा।
मेनन ने अपनी किताब 'चॉइसेज- इनसाइड द मेकिंग ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी' के औपचारिक विमोचन से पहले कहा, अगर आप बात नहीं करेंगे तो आप ऐसा नहीं करके आतंकियों और उनके प्रायोजकों को वह अवसर उपलब्ध करा रहे हैं, जो वे चाहते हैं। क्योंकि वे नहीं चाहते कि दोनों पड़ोसी देश आपस में बातचीत करें। वे दोनों देशों के बीच चर्चा को नियंत्रित करना चाहते हैं। वे हमारे आपसी संबंधों में रोक चाहते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि आप उन्हें ऐसा कैसे करने दे रहे हैं। बता दें कि मेनन पाकिस्तान में भारत के विदेश सचिव और चीन में राजदूत भी रह चुके हैं।
...तो उसी वक्त तबाह हो गए होते पाकिस्तान के सभी LeT कैंप
इस पर आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, बातचीत करने का यह मतलब नहीं है कि आप आतंकवादियों से निपटने के लिए अन्य जरूरी चीजें नहीं कर सकते। आपको आतंकवादियों का खात्मा करना पड़ेगा, जैसा कि किसी देश को करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं है कि आप बातचीत बंद कर दें। यदि आपके पास मौका है तो बात कीजिए और उस समय आपके पास कहने को बहुत कुछ होगा। आप सीमापार आतंकवाद की वजह से संबंधों में गतिरोध नहीं चाहते और पाकिस्तान व पाकिस्तानी तत्वों के सहयोग से फसाद नहीं चाहते। मेनन ने कहा, हमें इस मुद्दे को उठाने और इसके बारे में बात करने की जरूरत है।
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