लखनऊ : अखिलेश सरकार ने मंगलवार को राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को चुनाव से पहले तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश में अब सातवां वेतन आयोग लागू हो गया है।
यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए की गई सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। कैबिनेट की बैठक के बाद आज इस फैसले पर मुहर लग गई। इस रिपोर्ट की मंजूरी के बाद अब राज्य के सभी कर्मचारियों को जनवरी से सातवें वेतन आयोग के मुताबिक नया वेतन मिलने मिलेगा। सैलरी में 15 से 20 फीसदी का इजाफा होगा।
कैबिनेट बैठक में सरकार राज्य वेतन समिति की रिपोर्ट पर प्रदेश के 27 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों व पेंशनरों को सातवें वेतन का लाभ देने का फैसला किया है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों पर लागू करने के बारे में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जी. पटनायक की अध्यक्षता में गठित राज्य वेतन समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट बीते बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपी थी। राज्य वेतन समिति ने अपनी रिपोर्ट में विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सातवें वेतन के ढांचे को केंद्र सरकार के समतुल्य रखने रखने की सिफारिश की है। साथ ही, सातवां वेतन पहली जनवरी 2016 से लागू करने की संस्तुति भी की है। समिति ने कर्मचारियों के वेतन (वेतन बैंड और ग्रेड वेतन को जोड़कर) को 2.57 गुना करने की सिफारिश की है। राज्य कर्मचारियों के लिए शुरुआती न्यूनतम वेतन (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए) 18,000 रुपए और अधिकतम (मुख्य सचिव स्तर) 2,25,000 रुपए करने की संस्तुति की गई है।


0 comments:
Post a Comment