नई दिल्ली: अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी लपेट लिया है। शनिवार को अदालत में पेश किए गए त्यागी ने अपने वकील के जरिए दावा किया कि 2005 में हेलिकॉप्टर खरीदने की शर्तों में हुए बदलाव के फैसले में प्रधानमंत्री कार्यालय भी शामिल था। उस वक्त मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और अब त्यागी के इस आरोप से नोटबंदी को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक चल रही कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।शनिवार को एसपी त्यागी समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने 4 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा, जबकि सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी। सीबीआई की 10 दिन रिमांड की मांग का विरोध करते हुए ही त्यागी के वकील एन हरिहरण ने यह दावा किया। उन्होंने अदालत से कहा, 'यह सामूहिक फैसला था, न कि त्यागी का व्यक्तिगत फैसला। इस फैसले को त्यागी के वायुसेना प्रमुख बनने से काफी पहले ही लिया जा चुका था।' हरिहरण ने यह भी कहा कि त्यागी हेरिकॉप्टर खरीद की प्रक्रिया का हिस्सा कभी रहे ही नहीं।बता दें कि आरोपियों पर लगभग 3,600 करोड़ रुपये में वीवीआइपी के लिए 12 हेलीकाप्टरों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए 423 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई ने एफआईआर में एसपी त्यागी पर आपराधिक षडयंत्र रचने और अपने पद का गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया है।



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