गाजियाबाद, ( संवाददाता ) मुख्य विकास अधिेकारी ने सूचित किया है कि वायु प्रदुषण को रोकने हेतु किसानों द्वारा अपने खेतों के अपशिष्ट यथा (गन्ने की पत्ती, धान का पुआल, गेहूॅ की फसल के अवशेष) न जलाये जाये कृषकों द्वारा कृषि अपशिष्ट का उपयोग खाद बनाने में अथवा अन्य उपयोग में किया जाये। अगर कोई किसान अपने खेत में कृषि अपशिष्ट जलाता हुआ पाया जाता है तो छोटे कृषकों (2 एकड से कम भूमि धारक) को 2500 रू0 प्रति घटना तथा बडे कृषकों (2 एकड से ज्यादा परन्तु 5 एकड से कम भूमि धारक) को 5000 रू0 प्रति घटना तथा (5 एकड से अधिक भूमि धारक ) को 15000 रू0 प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना देना पडेगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली द्वारा दिनांक 04 नवम्बर 2016 को पारित आदेश का परिपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु उ0प्र0 शासन द्वारा यह निर्देश प्राप्त हुये है।



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