नोटबंदी पर संगोष्ठी Seminar on Notbandi



साहिबाबाद, ( प्रमुख संवाददाता ) वैद्य शातिकुमार मिश्र की याद में उनके चिकित्सालय पर नोटबंदी पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सरकार को सलाह दी गयी कि वह बैंक व एटीम पर भीड़ कम करने के लिये एक उम्र के हिसाब से पैसे निकासी के लिये दिन तय करे। 
        गोष्ठी के मुख्य वक्ता सत्यदेव राय ने कहा कि शास़्त्र में काले धन को मैला धन कहा है अर्थात वह धन को अधर्म से कमाया गया हो। शास्त्रों में वर्णन है कि हम जो भी कमाते हैं उसका कुछ अंशदान समाज की भलाई के लिये दान किया जाना चाहिये। आज के समय में यह अंशदान आयकर के नाम से है। उन्होंने कहा कि नोट बंदी व लेन देन के लिये कैश लैस व्यव्स्था एक अच्छा फैसला है जो भ्रष्टार को कम करेगा। नोट बंदी लागू करने मेें हुई चूक और बैंक कर्मियों द्वारा राजधर्म का पालन सही से नहीं करने से परेशानी लोगों को हुई। लोगों ने नोटबंदी के कड़े फैसले को झेल लिया और अव यह परेशानी भी धीरे धीरे कम हो जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बैंक से लेनदेन के लिये उम्र के हिसाव से दिन तय कर दे तो यह भीड़ भी कम हो जायेगी। 30साल की उम्र वालों को सोमवार,30से 40 तक को मंगलवार, 40 से 50 तक को बुधवार ,50 से 60 तक बृहस्पतिवार तथा 60 से अधिक उम्र वालों को शुक्रवार का दिन बैंक से धन निकासी का तय कर दे तो बैंक पर अवश्य भीड़ कम हो जायेगी। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार की शुरूआत राजनीति से शुरू होती है दूसरा स्रोत है धन का आदान प्रदान करने वाले यानी प्रापर्टी,सर्राफा कारोबारी आदि। उन्होंने कहा कि देहात में नोट बंदी या कैश लैस से कोई परेशानी नहीं है। देहात में किसान को कोई परेशानी नहीं बल्कि बड़े जमीदारों को हो सकती है, जो कमायी तो खूब करते हैं लेकिन कोई टैक्स नहीं देते।
      संगोष्ठी में पूर्व प्राचार्य डा. विशनलाल गौढ़, एसएन अवस्थी, आरके गुप्ता, आषुतोश पंाडेय तथा आरपी त्यागी ने भाग लिया।      




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