पटना ,(वार्ता,भाषा): बिहार की राजधानी पटना के गांधी घाट के सामने गंगा दियारा में मकर संक्रांति के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से आयोजित पतंग महोत्सव में शामिल होने के बाद लौट रहे लोगों की नौका एनआईटी घाट के निकट डूब गयी जिसमें 22 लोगों की मौत हो गयी। नाव पर 40 लोग सवार थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि दियारा से लौट रही एक नाव देर शाम एनआईटी घाट के पास गंगा नदी में डूब गई। इसके बाद कई लोग तैरकर बाहर निकल आये, कुछ लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने लाइफ जैकेट और ट्यूब फेंक कर बचा लिया। सूत्रों ने बताया कि बचाये गये दस लोगों को गंभीर स्थिति में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं। इस बीच पतंग महोत्सव से लौट कर सुरक्षित आये लोगों ने बताया कि दियारा का बोट पाथ-वे धंस जाने के कारण वहां गए हजारों लोग कड़ाके की ठंड में फंस गए। प्रशासन ने उन्हें निकालने की गंभीर कोशिश नहीं की । इसी बीच लोग आवेर लोड नौकाओं में लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ।
जांच का आदेश : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा नदी में नौका दुर्घटना के बाद दियारा क्षेत्र में आयोजित पतंग उत्सव को रद्द करने के साथ दुर्घटना की जांच का आदेश दिया है। श्री कुमार ने नाव डूबने की घटना पर गहरा दुख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिये त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, पटना के पुलिस उपमहानिरीक्षक शालीन और पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा इस पूरे प्रकरण की संयुक्त रूप से जांच करने का भी निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह भी देखें कि दियारा क्षेत्र में क्या आयोजन था और इसके लिये आयोजक द्वारा क्या समुचित व्यवस्था की गयी थी या नहीं। उन्होंने दियारा क्षेत्र में सभी आयोजनों को भी रद्द करने का निर्देश दिया। श्री कुमार ने जिला प्रशासन को सभी मृतकों के आश्रितों को अविलम्ब अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर बनाये हुये हैं।



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